यूपी में सौर ऊर्जा की क्रांति! 5 गीगावॉट यूनिट का शिलान्यास, क्या बदलेगी राज्य की तस्वीर?

Published : Mar 09, 2025, 03:00 PM ISTUpdated : Mar 09, 2025, 03:01 PM IST
Yogi Adityanath

सार

सीएम योगी ने गौतमबुद्धनगर में 5 गीगावॉट सोलर यूनिट का शिलान्यास किया। यूपी में 22,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। ग्लोबल वार्मिंग से निपटने में यह कदम महत्वपूर्ण है।

गौतमबुद्धनगर, 8 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्धनगर में आवाडा ग्रुप की 5 गीगावॉट इंटीग्रेटेड सोलर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी की 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2070 तक कार्बन उत्सर्जन के नेट जीरो लक्ष्य को हासिल करने के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 22,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसको लेकर प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रही है।

सीएम योगी ने कहा कि क्लीन और ग्रीन एनर्जी आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणामों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि एनसीआर में सर्दियों में गैस चैंबर जैसी स्थिति और देश-दुनिया में बाढ़ जैसी आपदाएं पर्यावरण असंतुलन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि असंतुलित विकास और संसाधनों के अनियोजित उपयोग ने इन समस्याओं को जन्म दिया है। सीएम योगी ने कहा कि यूरोप के देश, सऊदी अरब, फ्रांस, जापान जैसे देशों में आई आपदाएं ग्लोबल वार्मिंग की गंभीरता को दर्शाती हैं, जो भविष्य में खाद्य संकट, बीमारियों और अस्तित्व के संकट को जन्म दे सकती हैं।

*बीते 8 वर्षों में प्रदेश में 4 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए गए- मुख्यमंत्री*

 उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की पहल का उल्लेख किया, जिसके तहत भारत ने 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य रखा है। योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने 22,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले आठ वर्षों में राज्य ने शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी लाइट्स से बदलकर ऊर्जा संरक्षण में क्रांतिकारी कदम उठाया है। 4 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए गए, जिससे लोगों की बिजली खपत और नगर निगम के खर्च में कमी आई है। इसके साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और सौर नीति को मजबूत करने से राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन 267 मेगावॉट से बढ़कर लगभग 5,000 मेगावॉट तक पहुंच गया है। बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देना भी इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

सीएम योगी ने अयोध्या को देश की पहली सौर सिटी बनाने की योजना का भी जिक्र किया, जहां श्री राम जन्मभूमि के प्रभु श्रीराम के विराजमान होने के बाद सूर्यवंशी राजधानी को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर में आवाडा ग्रुप की 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण और ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-16 में 5 गीगावॉट इंटीग्रेटेड सोलर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास इस दिशा में मील का पत्थर है। योगी ने बताया कि यह 1.5 गीगावॉट यूनिट पूरी तरह से स्वचालित है, जहां स्थानीय लोगों को रोजगार के व्यापक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सौर नीति के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे राज्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

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