
लखनऊ। मौसम की मार झेल रहे किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाए, ताकि किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके।
प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। कई जगह गेहूं के दाने चमक खो चुके हैं और उनमें सिकुड़न भी आ गई है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से राहत की मांग की थी।
किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए भारत सरकार ने अब चमकविहीन और सिकुड़े गेहूं की खरीद की अनुमति दे दी है। नई व्यवस्था के अनुसार:
सरकारी क्रय केंद्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदे जाएंगे। इससे किसानों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
अब तक जिन किसानों का पंजीकरण सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है, उन्हें भी राहत दी गई है। नई व्यवस्था के तहत:
प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद 15 जून तक जारी रहेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि भीड़ से बचने के लिए टोकन प्रणाली का उपयोग करें और निर्धारित तिथि पर ही अपनी उपज बेचने पहुंचें। किसी भी समस्या के लिए किसान टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं।
गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। ये अधिकारी:
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