OBC छात्रों के लिए राहत: 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को मिली छात्रवृत्ति, ट्रांसजेंडर भी शामिल

Published : Apr 27, 2026, 10:26 PM IST
UP OBC Scholarship 2025 Over 36 Lakh Students Receive Financial Assistance Under Yogi Government Scheme

सार

OBC Scholarship UP: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में 36 लाख से अधिक OBC छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता दी है। ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल कर समावेशी विकास की मिसाल पेश की गई है।

शिक्षा किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव होती है, लेकिन आर्थिक कमजोरी अक्सर हजारों प्रतिभाओं के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग (OBC) के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा सहारा तैयार किया है। वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 36 लाख से अधिक OBC छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। खास बात यह है कि इस योजना में छात्राओं और छात्रों के साथ ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल किया गया है, जो सरकार की समावेशी सोच को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य साफ है, कोई भी पात्र छात्र सिर्फ आर्थिक तंगी की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे।

36,75,294 छात्रों को मिला सीधा लाभ

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल 36,75,294 छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। जिन छात्रों के अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख रुपये या उससे कम है, उन्हें इस योजना के तहत पात्र माना गया है। यह आंकड़ा सिर्फ सरकारी योजना की सफलता नहीं, बल्कि शिक्षा को सामाजिक न्याय से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।

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पूर्वदशम छात्रवृत्ति: कक्षा 9-10 के लाखों छात्रों को सहायता

पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 9 और 10 के 8,88,863 छात्रों के बैंक खातों में कुल 219.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इन लाभार्थियों में-

  • 4,58,585 छात्राएं
  • 4,30,275 छात्र
  • 3 ट्रांसजेंडर

शामिल हैं। इस योजना के तहत छात्रों को 150 रुपये प्रति माह (अधिकतम 10 माह) और 750 रुपये वार्षिक अनुदान सहित कुल 2250 रुपये तक की सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।

दशमोत्तर योजना से उच्च शिक्षा को मिला बड़ा संबल

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल कोर्स तक को कवर करती है। इसमें बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स के साथ बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह पहले से आसान हुई है।

27 लाख से ज्यादा छात्रों को मिली छात्रवृत्ति

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11-12 और उच्च शिक्षा के कुल 27,86,431 छात्रों को 2882.02 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।कक्षा 11-12 में-

  • 4,72,764 छात्राएं
  • 3,80,667 छात्र
  • 2 ट्रांसजेंडर

को छात्रवृत्ति दी गई। वहीं उच्च शिक्षा में-

  • 10,01,084 छात्राएं
  • 9,31,906 छात्र
  • 8 ट्रांसजेंडर

को योजना का लाभ मिला। यह स्पष्ट करता है कि छात्रवृत्ति योजना अब सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रही है।

कोर्स ग्रुप के अनुसार तय होती है छात्रवृत्ति

सरकार ने अलग-अलग कोर्स के लिए अलग छात्रवृत्ति राशि तय की है।

ग्रुप-1

बी.टेक, एमबीए और एमबीबीएस जैसे प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं।

  • डे स्कॉलर: 56,600 रुपये
  • हॉस्टलर: 64,400 रुपये वार्षिक

ग्रुप-2

एमएससी, एमए, बीबीए, पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्स

  • डे स्कॉलर: 36,360 रुपये
  • हॉस्टलर: 39,840 रुपये

ग्रुप-3

बीए, बीएससी, बीकॉम

  • डे स्कॉलर: 23,600 रुपये
  • हॉस्टलर: 26,840 रुपये वार्षिक

पॉलिटेक्निक और आईटीआई छात्रों को भी बड़ा लाभ

ग्रुप-4 में इंटरमीडिएट, आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स शामिल हैं।

  • आईटीआई/पॉलिटेक्निक डे स्कॉलर: 12,760 रुपये
  • हॉस्टलर: 14,560 रुपये वार्षिक

कक्षा 11 के लिए-

  • डे स्कॉलर: 3,225 रुपये
  • हॉस्टलर: 5,025 रुपये

कक्षा 12 के लिए-

  • डे स्कॉलर: 3,290 रुपये
  • हॉस्टलर: 5,090 रुपये वार्षिक

यह सहायता उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जहां पढ़ाई का खर्च अक्सर सबसे बड़ी चिंता बन जाता है।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पैसा सीधे खाते में

योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। छात्रों को छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है और धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र पात्र हैं, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के सभी पिछड़ा वर्ग के छात्रों को योजना का लाभ दिया जाता है।

“कोई पात्र छात्र शिक्षा से वंचित न रहे”

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक (आईएएस) उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी पात्र छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे निर्धारित समय में ऑनलाइन आवेदन करें और योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। उत्तर प्रदेश में यह पहल सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि लाखों सपनों को उड़ान देने की कोशिश है।

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