Hardoi Sunbeam School Controversy: हरदोई के सनबीम स्कूल में प्रिंसिपल ममता मिश्रा और महिला अभिभावक के बीच फीस व कॉपी-किताब विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया। प्रिंसिपल की एंट्री बैन, मुकदमे के निर्देश और स्कूल की मान्यता पर भी संकट गहरा गया है।

Hardoi School Principal Viral Video: उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक निजी स्कूल का विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई के बड़े मामले में बदल गया है। कैनाल रोड स्थित सनबीम स्कूल में प्रिंसिपल और एक महिला अभिभावक के बीच फीस और कॉपी-किताबों को लेकर हुआ विवाद सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।

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वीडियो में प्रिंसिपल ममता मिश्रा द्वारा अभिभावक से ऊंची आवाज में बात करना और ‘शटअप’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना चर्चा का विषय बन गया। मामला सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग, पुलिस और साइबर टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू कर दी। अब प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि जांच पूरी होने तक उनके स्कूल आने पर रोक लगा दी गई है।

24 अप्रैल को शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को हरदोई के सनबीम स्कूल में महिला अभिभावक नीलम वर्मा अपनी बेटी की पढ़ाई और फीस से जुड़ी समस्या लेकर प्रिंसिपल से मिलने पहुंचीं। आरोप है कि स्कूल प्रशासन उन पर महंगी कॉपियां और किताबें खरीदने का दबाव बना रहा था।

नीलम वर्मा का कहना है कि उनकी बेटी को होमवर्क भी नहीं दिया जा रहा था और जब उन्होंने फीस जमा करने के लिए कुछ मोहलत मांगी, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसी दौरान प्रिंसिपल ने गुस्से में ‘शटअप’ कहा और ऊंची आवाज में बात की। यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में

27 अप्रैल को बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने पुलिस और साइबर टीम के साथ स्कूल में छापेमारी की। जांच के दौरान स्कूल परिसर का निरीक्षण किया गया और सीसीटीवी फुटेज (DVR) के साथ जरूरी रजिस्टर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिए। शिक्षकों और छात्रों से भी पूछताछ की गई, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। बीएसए ने माना कि शुरुआती जांच में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया षड्यंत्र

दूसरी ओर, प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बताया। उनका कहना है कि फीस न देने के बहाने पूरे मामले को बढ़ाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उसी समय स्कूल में वैक्सीनेशन के दौरान एक बच्ची के बेहोश होने की सूचना आई थी, जिससे वह मानसिक तनाव में थीं। इसी कारण उन्होंने ऊंची आवाज में बात की। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्हें इस तरह नहीं बोलना चाहिए था।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, कैमरे पर मांगी माफी

घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी स्कूल पहुंच गए। छात्र नेताओं ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और फीस वृद्धि व कॉपी-किताबों की जबरन खरीद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र नेता अर्पण कुशवाहा ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी लंबे समय से अभिभावकों को परेशान कर रही है और अब इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। भारी विरोध और नारेबाजी के बीच प्रिंसिपल ममता मिश्रा को कैमरे के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह चिल्लाना नहीं चाहिए था और वह अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं।

मुकदमे के निर्देश, मान्यता पर भी खतरा

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने नगर खंड शिक्षा अधिकारी को मामले में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल के स्कूल आने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन अब स्कूल की मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है। बीएसए के अनुसार, यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

निजी स्कूलों की मनमानी पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि कई स्कूल तय दुकानों से महंगी किताबें और कॉपियां खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। हरदोई प्रशासन ने अब पूरे जिले के निजी स्कूलों की निगरानी बढ़ाने की बात कही है। साथ ही, यह भी जांच की जाएगी कि क्या स्कूलों की स्थानीय पुस्तक भंडारों के साथ कोई साठगांठ है। फिलहाल, सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल की एंट्री बैन कर दी गई है और जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि निजी स्कूलों की जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।

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