
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब राज्य के सभी स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड मोड में बदलने का आदेश जारी कर दिया गया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगे सभी मीटर अब पोस्टपेड प्रणाली पर काम करेंगे, जिससे जनता को पहले बिजली इस्तेमाल करने और बाद में बिल भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत मई 2026 की बिजली खपत का बिल उपभोक्ताओं को जून 2026 में प्राप्त होगा। सरकार ने आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रीपेड व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह आदेश पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर सहित पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को बिल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्मार्ट पोस्टपेड बिल हर महीने की 10 तारीख तक एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे। जिन इलाकों में नेटवर्क की समस्या होगी, वहां एएमआईएसपी (AMISP) एजेंसियां मैनुअल रीडिंग लेकर समय पर बिल उपलब्ध कराएंगी। उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन या व्हाट्सएप चैटबॉट से भी अपना बिल प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार ने उन उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी है जिनका बिल बकाया है:
पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का समय भुगतान के लिए मिलेगा। इसके बाद भी 7 दिन की 'डिस्कनेक्शन अवधि' (छूट) दी जाएगी। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होता है, तो नियमानुसार विलंब शुल्क (Surge Charge) लागू होगा। अब प्रदेश में सभी नए बिजली कनेक्शन भी स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे।
स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं के निपटारे के लिए सरकार 15 मई से 30 जून 2026 तक प्रदेश भर के अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाएगी। उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराकर त्वरित समाधान पा सकते हैं।
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