
लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की निगरानी के लिए केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों में कार्यरत संयुक्त सचिव स्तर के 4 आईएएस अधिकारियों को विशेष रोल प्रेक्षक नियुक्त किया है। इनमें श्री निखिल गजराज, श्री जावड़ी वी नागा सुब्रमण्यम, श्री कुणाल और श्री सिद्धार्थ जैन शामिल हैं।
आयोग ने इन अधिकारियों को निम्नलिखित मण्डल आवंटित किए हैं:
ये अधिकारी अपने-अपने मण्डलों के अंतर्गत सभी जिलों में SIR के कार्यों की पूरी निगरानी करेंगे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार विशेष रोल प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान आयोग द्वारा 27 अक्टूबर 2025 और 30 नवंबर 2025 को जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन हो। उनका मुख्य दायित्व रहेगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न होने पाए। वे गणना चरण से लेकर मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ समन्वय में काम करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ तीसरी बैठक कर SIR की प्रगति साझा की। उन्होंने बताया कि गणना चरण के दौरान 97.3% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। अब तक 17.7% गणना प्रपत्र अनकलेक्टेबल हैं और 30% मतदाताओं की मैपिंग शेष है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से मृत, शिफ्टेड और अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन में सहयोग की अपील की। कई दलों ने गणना चरण की समयावधि बढ़ाने का भी अनुरोध किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 17.7% अनकलेक्टेबल मतदाताओं की सूची बीएलओ अपने बूथ स्तर एजेंट (BLA) को उपलब्ध कराएंगे। यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर, विधानसभा तथा बूथवार भी देखी जा सकेगी। 12 दिसंबर तक बीएलओ और बीएलए की संयुक्त बैठक कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी में रह रहे भारतीय नागरिक- जो किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं रखे हुए हैं—फॉर्म-6A भरकर मतदाता बन सकते हैं। फॉर्म-6A आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
उन्होंने यह भी अपील की कि किसी भी प्रवासी नागरिक का गणना प्रपत्र न भरें। यदि गलती से जमा हो गया हो, तो तुरंत बीएलओ को सूचित करना आवश्यक है, अन्यथा शिकायत की स्थिति में कार्रवाई हो सकती है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 1533 प्रवासी मतदाता पंजीकृत हैं और फॉर्म-6A के 115 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन नागरिकों को अपने पासपोर्ट वाले पते का विवरण देना अनिवार्य है।
बैठक में निम्न दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
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