
लखनऊ/जेवर, 28 मार्च : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के शनिवार को शुभारंभ के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था अब यहां स्थाई तौर पर सुनिश्चित की जा रही है। एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है तो साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दो स्थानों पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
पुलिस कमिश्नर (गौतमबुद्ध नगर) लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं हैं। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि भविष्य में यहां वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा एवं संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जेवर इमिग्रेशन कोर्स के अंतर्गत 03 निरीक्षक, 24 उपनिरीक्षक, 17 मुख्य आरक्षी एवं 26 आरक्षियों सहित कुल 70 पुलिस कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त आगामी प्रशिक्षण के लिए 30 उपनिरीक्षक, 14 मुख्य आरक्षी एवं 17 आरक्षियों सहित कुल 61 पुलिसकर्मियों को नामित किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक दक्ष एवं प्रभावी बनाया जा सके।
थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मी एयरपोर्ट क्षेत्र में थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए कुल 35 नागरिक पुलिसकर्मियों के पद स्वीकृत/नियुक्त किए गए हैं। इनमें 01 निरीक्षक, 02 उपनिरीक्षक, 09 मुख्य आरक्षी, 03 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, 15 आरक्षी, 02 आरक्षी चालक तथा 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।
अग्नि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी आपात स्थिति में होगा तुरंत एक्शन अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 एवं सेक्टर-18 में दो नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों स्थानों पर 7485 वर्गमीटर भूमि पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रत्येक अग्निशमन केंद्र के लिए 01 अग्निशमन अधिकारी, 03 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, 01 एएसआईएम, 08 एलएफएम, 09 एफएस चालक तथा 44 फायरमैन के पद सृजित किए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर उपर्युक्त सभी व्यवस्थाओं से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा, संरक्षा एवं संचालन को उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। इस व्यापक, बहुस्तरीय और तकनीक-संपन्न सुरक्षा व्यवस्था से स्पष्ट है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मानक स्थापित करेगा।
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। जहां हाईटेक एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी, इंटेलिजेंस नेटवर्क से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। इसी के साथ 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, एंटी-सैबोटाज चेक, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-माइंस चेकिंग, स्निफर डॉग्स तैनात किए गए। इसके साथ ही करीब 5000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के लिए पीएसी, आरएएफ, एटीएस, सीआईएसएफ के साथ एसपीजी भी मुस्तैद रहे। नो-फ्लाई जोन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ अलर्ट के साथ ही 20,000 वाहनों की पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई।
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