
लखनऊ में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे फैसले लिए, जिनका असर सीधे आम लोगों, किसानों, युवाओं और उद्योगों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जहां स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक पहचान देने की पहल की गई, वहीं किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने, ट्रांसफर पॉलिसी तय करने और रोजगार बढ़ाने जैसे कई अहम निर्णय लिए गए। ये फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।
सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद हर जिले के पारंपरिक व्यंजन को पहचान देना और उसे बाजार में ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इस योजना के तहत:
आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और जौनपुर की इमरती जैसे व्यंजन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह बना सकते हैं।
यह भी पढ़ें: हिंसा मुक्त बंगाल का संकल्प, अब यूपी पर नजर… बंगाल जीत के बाद पीएम मोदी के 5 बड़ी बातें
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी है। मुख्य बिंदु:
इस नीति का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना है।
लोक निर्माण विभाग में गुणवत्ता सुधार के लिए सरकार ने नई टेंडर प्रक्रिया लागू की है।
इससे घटिया निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई है।
सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत:
यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और बिजली परियोजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए बंद पड़ी मिलों की जमीन का उपयोग होगा। वहीं, लखनऊ में ₹546 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे औद्योगिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
सरकार ने हर जिले में दो विशेषज्ञ फेलो तैनात करने का फैसला किया है:
इनका काम होगा विकास योजनाओं की निगरानी और डेटा आधारित रणनीति बनाना। चयनित फेलो को ₹50,000 मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
योगी कैबिनेट के ये फैसले सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रशासन और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम हैं। स्थानीय व्यंजन को वैश्विक पहचान देने से लेकर किसानों को राहत और युवाओं को रोजगार के अवसर देने तक, सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखता है, यह सबसे अहम होगा।
यह भी पढ़ें: 17 हजार की बढ़त कैसे बनी 15 हजार की हार? भवानीपुर में बुरी तरह हारी ममता बनर्जी
उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।