Dehradun IFS Convocation 2026: विकसित भारत-2047 के लिए तैयार हुए 111 युवा वन अधिकारी

Published : Aug 01, 2026, 02:50 PM IST
IFS Convocation 2026

सार

देहरादून में 111 IFS अधिकारियों (109 भारतीय, 2 भूटानी) का दीक्षांत समारोह हुआ। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ये अधिकारी 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। राजस्थान की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच की टॉपर रहीं।

देहरादून: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून में शनिवार को भारतीय वन सेवा (IFS) 2024 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के दीक्षांत सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए। '2047 में विकसित भारत के निर्माण में होगी आपकी बड़ी भूमिका'

  • दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि आज प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवा अधिकारी जब अपने करियर के सर्वोत्तम दौर में होंगे, तब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे कर चुका होगा। ऐसे में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
  • उन्होंने कहा कि भारतीय वन सेवा जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से प्राप्त तकनीकी और नेतृत्व प्रशिक्षण अधिकारियों को देश और समाज की बेहतर सेवा के लिए तैयार करेगा।

जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता सबसे बड़ी चुनौती

भूपेंद्र यादव ने कहा कि आने वाले वर्षों में अधिकारियों के सामने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का क्षरण और मरुस्थलीकरण जैसी गंभीर चुनौतियां होंगी। इन समस्याओं से निपटने के लिए नवाचार, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी को समान महत्व देना होगा।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग केवल डेटा विश्लेषण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ व्यावहारिक समाधान विकसित करने में भी होना चाहिए।

'अच्छा अधिकारी बनने से पहले अच्छा इंसान बनिए'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी सफल लोकसेवक की सबसे बड़ी ताकत उसकी नैतिकता और कार्यकुशलता होती है। समय का सही उपयोग, सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम और ईमानदारी ही एक अधिकारी की असली पहचान है।

उन्होंने अधिकारियों से केवल सक्षम प्रशासक नहीं बल्कि प्रेरणादायी नेता बनने का आह्वान करते हुए कहा कि त्याग, करुणा और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, "एक अच्छा अधिकारी वही है, जो सबसे पहले एक अच्छा इंसान हो।"

111 अधिकारियों ने पूरा किया 20 महीने का प्रशिक्षण

आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने बताया कि वर्ष 1938 से यह संस्थान देश के वन अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। इस बार भारतीय वन सेवा 2024 बैच के 109 परिवीक्षाधीन अधिकारियों तथा भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों ने 20 महीने का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।

उन्होंने बताया कि इनमें से 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।

45 फीसदी प्रशिक्षण फील्ड में हुआ

डॉ. खजूरिया ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षाओं के साथ-साथ वानिकी, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरणीय सुशासन, आधुनिक तकनीक और नेतृत्व विकास पर विशेष जोर दिया गया।

कुल प्रशिक्षण अवधि का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा फील्ड एक्सरसाइज, अध्ययन भ्रमण और साहसिक गतिविधियों के लिए निर्धारित था। इसके अलावा अधिकारियों ने स्वतंत्र शोध और वन प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त किए।

राजस्थान की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बनीं बैच टॉपर

दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विभिन्न पदक और पुरस्कार दिए गए। राजस्थान कैडर की सुश्री प्रतीक्षा नानासाहेब काले पूरे बैच में प्रथम स्थान पर रहीं और उन्हें बैच टॉपर घोषित किया गया।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समारोह में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी, सीईसी के चेयरमैन सी.पी. गोयल, आईसीएफआरई की महानिदेशक कंचन देवी, आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया सहित मंत्रालय और वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षु अधिकारी तथा उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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