
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही तेज बारिश अब लोगों की चिंता बढ़ाने लगी है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर पालिका पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
रुद्रप्रयाग नगर पालिका परिषद के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों, नालों और झरनों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। कई इलाकों में जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नगर पालिका क्षेत्र में लगातार सार्वजनिक घोषणाएं कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। विशेष रूप से नदी किनारे बसे परिवारों से एहतियात बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होने की अपील की गई है।
रुद्रप्रयाग नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संतोष रावत ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से पूरे क्षेत्र में नदियां, नाले और झरने उफान पर हैं। इसके कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई संवेदनशील इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से लगातार संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा गया है।
नगर पालिका की टीमें पूरे शहर में लगातार अनाउंसमेंट कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौसम के रुख को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने का असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। नदी किनारे बने कई रास्ते प्रभावित हुए हैं। रुद्रप्रयाग संगम क्षेत्र और उससे जुड़े कई घाट तेज बहाव के कारण पूरी तरह पानी में समा गए हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार कमजोर और संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का ही पालन करें।
इस बीच, लगातार बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है। गुरुवार को गौरीकुंड के पास हुए भारी भूस्खलन के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर ट्रैकिंग मार्ग पर आ गिरे। इसके चलते केदारनाथ जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
भूस्खलन की घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत एहतियात बरतते हुए यात्रा रोक दी और रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। मलबे के कारण मुनकिया क्षेत्र के पास केदारनाथ हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, SDRF और अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं। सड़क और ट्रैक मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
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