
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के संबंध में गुरुवार को मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश के 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। अब सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम, पता और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक जांच लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के स्तर पर भी मतदाता सूची देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं को अपने विवरण का सत्यापन अवश्य करना चाहिए, ताकि यदि कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते ठीक कराया जा सके।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि जिन मतदाताओं की ओर से जमा की गई जानकारी में कोई विसंगति पाई गई है या जिन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आवश्यक मैपिंग संबंधी विवरण नहीं भरा है, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि रिकॉर्ड को सही और अद्यतन बनाना है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ और ईआरओ की निगरानी में नोटिस से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए बूथ स्तर पर बीएलओ और अन्य अधिकारी उपलब्ध रहेंगे। वे मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। मैदानी क्षेत्रों के मतदाताओं को सुविधा देने के लिए बूथ या बूथ के नजदीकी स्थानों पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक का समय दिया है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस से जुड़े मामलों की सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई मतदाता ईआरओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील कर सकता है। वहीं जिलाधिकारी के फैसले से असंतुष्ट होने की स्थिति में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपील करने का अधिकार भी उपलब्ध रहेगा।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फार्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए ऑफलाइन माध्यम से संबंधित बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है, जबकि ऑनलाइन आवेदन ईसीआईनेट (ECINet) ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि फार्म-7 के जरिए नाम हटाने तथा फार्म-8 के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज विवरणों में सुधार कराया जा सकता है।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान प्रक्रिया में फार्म-6 और फार्म-8 के साथ एनेक्सर-4 (Annexure-4) भरना अनिवार्य है। इसलिए आवेदन करने वाले सभी मतदाताओं को निर्धारित दस्तावेजों के साथ यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्वाचन अधिकारियों ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपने विवरणों का सत्यापन कर लें और आवश्यक होने पर निर्धारित अवधि के भीतर दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराएं।
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