
देहरादून में "समृद्ध उत्तराखंड के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को मुख्यधारा में लाना (Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand.)" विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण सेमिनार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा, जब देश वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को विकास की आधारशिला बनाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इसी दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है और नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र "जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान" की भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विज्ञान एवं तकनीक आधारित विकास मॉडल को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उनका कहना था कि विज्ञान और नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि समाज, शिक्षा, उद्योग और रोजगार से सीधे जुड़े होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 का संकल्प वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों पर आधारित है। यदि देश और राज्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है, तो शिक्षा, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे सभी क्षेत्रों में विज्ञान आधारित सोच को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी को केवल शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम मानकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान संस्कृति, नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि नए विचार विकसित करें, शोध करें और रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था आधुनिक तकनीकों पर आधारित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तथा अन्य उभरती हुई तकनीकों में आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें नवाचार आधारित नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, तकनीक और नवाचार को मुख्यधारा में शामिल किए बिना किसी भी राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। राज्य सरकार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां शिक्षा संस्थान, शोध संस्थान, उद्योग और स्टार्टअप मिलकर नए समाधान विकसित करें और उत्तराखंड को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना चौहान तथा पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को समाज और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
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