Uttarakhand Mukhyamantri Udyamshala Yojana: CM धामी का बड़ा ऐलान, गांवों से बाजार तक पहुंचेगा पहाड़ का उत्पाद

Published : Aug 21, 2026, 05:48 PM IST
Uttarakhand Mukhyamantri Udyamshala Yojana

सार

मुख्यमंत्री धामी ने उद्यमशाला चौपाल-2026 का शुभारंभ किया। 13 हजार से ज्यादा उद्यमियों को सहयोग और 8 हजार महिला उद्यमियों को अवसर देने की जानकारी दी।

उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, महिलाओं और स्थानीय उत्पादों को कारोबार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक और पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत चौपाल-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के जरिए अब तक प्रदेश में 13 हजार से ज्यादा उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। वहीं, 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता और आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर देहरादून के आईटी पार्क स्थित तेरह गांव में प्रदेश के सभी जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री और प्रचार के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा भी की।

उत्तराखंड में रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बने युवा

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब केवल प्रदेश के विकास में भागीदारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में आगे बढ़ने की इच्छा और हुनर है। मातृशक्ति भी नए काम शुरू करने के लिए लगातार आगे आ रही है। दूसरी तरफ उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों में देश और विदेश के बाजार तक पहुंचने की क्षमता मौजूद है। जरूरत सिर्फ इस हुनर को सही दिशा, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को आगे बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाला न रहे, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी बने। इसके साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

5 लाख ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उत्तराखंड में अब तक 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाएं अब पारंपरिक उत्पादों को सिर्फ घरेलू इस्तेमाल तक सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि उन्हें कारोबार का रूप दे रही हैं। इनमें पहाड़ी मसाले, मंडुवा, झंगोरा, दाल, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कला से जुड़े सामान शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि इन उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, मार्केटिंग और बाजार उपलब्ध कराया जाए।

‘House of Himalayas’ से उत्तराखंड के लोकल उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों को देश के बड़े शहरों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी प्रयास के तहत ‘House of Himalayas’ नाम से एक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया है। उत्तराखंड सरकार इन विचारों को जमीन पर उतारने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार चाहती है कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखंड का स्थानीय उत्पाद खरीदे तो उसे केवल एक सामान नहीं, बल्कि उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस हो।

ग्रामीण हाट और विपणन केंद्रों को किया जा रहा मजबूत

सरकार की ओर से गांवों में उत्पादों की बिक्री और किसानों को बेहतर बाजार देने के लिए ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका सीधा फायदा किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को मिलना चाहिए। उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर बाजार मिले और मेहनत का उचित मूल्य भी हासिल हो, यही सरकार का उद्देश्य है।

पलायन रोकने में ग्रामीण उद्यमिता पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उत्तराखंड के गांवों से होने वाले पलायन को रोकना भी है। उनका कहना था कि अगर गांव आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तो पूरा उत्तराखंड मजबूत होगा। इसी दिशा में सरकार ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के जरिए गांवों के अति-निर्धन परिवारों को आजीविका के साधनों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि लोगों को रोजगार के लिए गांव छोड़कर दूसरे शहरों की ओर जाने के बजाय अपने ही क्षेत्र में काम और कमाई के अवसर मिलें।

सभी 13 जिलों में लगेंगी मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण लोगों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन भी भेजी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं से जुड़ी जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिले।

लखपति दीदी और महिला उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयार की गई पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

PREV

उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Uttarakhand Millet Policy: पहाड़ के पारंपरिक अनाज को मिलेगा बड़ा बाजार, CM धामी का मास्टरप्लान
Uttarakhand News: बढ़ते ट्रैफिक पर धामी सरकार का वार, पार्किंग नेटवर्क मजबूत