केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने गांधी जयंती पर उत्तराखंड के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें साफ-सफाई, पर्यावरण बचाने और अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम शुक्रवार को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों के साथ सफाई और जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

गांधी जयंती पर ओराम ने चलाया सफाई अभियान

गांधी जयंती के मौके पर केंद्रीय मंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने स्कूल परिसर में बच्चों, टीचरों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया और सबको स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया।

मंत्री ने बच्चों से की बात, अच्छी आदतों पर दिया जोर

बच्चों से बातचीत करते हुए ओराम ने स्कूल, हॉस्टल और आसपास के इलाके में साफ-सफाई रखने की अहमियत बताई। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण बचाने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूक किया। साथ ही, उनसे अपने परिवार और गांव वालों की आदतों में भी सकारात्मक बदलाव लाने को कहा। उन्होंने कहा कि सफाई सिर्फ एक काम नहीं है, बल्कि इसे जिंदगी भर अपनाना चाहिए। इससे हमारी सेहत, सम्मान, पर्यावरण और विकास को काफी फायदा होता है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, शौक और भविष्य के सपनों के बारे में भी पूछा। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे मन लगाकर पढ़ें और अपने लक्ष्य को हासिल करें।

ओराम ने बच्चों द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट, कूड़ा अलग करने, टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण पर लगाई गई प्रदर्शनी भी देखी और उनकी मेहनत की खूब तारीफ की।

आदिवासी शिक्षा को लेकर सरकार का विजन

बच्चों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चों में टैलेंट की कोई कमी नहीं होती। उन्हें अच्छी शिक्षा, जरूरी संसाधन और आगे बढ़ने के सही मौके देना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने बताया कि आदिवासी इलाकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और बराबरी के मौके देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

ओराम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दूर-दराज और आदिवासी इलाकों में शिक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि बच्चों और युवाओं को अच्छे मौके मिल सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आदिवासी समाज के होनहार बच्चे पढ़ाई में नई ऊंचाइयों को छुएं और देश बनाने में अपना अहम रोल निभाएं। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बाजपुर के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय को सभी जरूरी सुविधाओं से लैस कर एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाया जाएगा। उन्होंने स्कूल में ऐसा माहौल बनाने पर जोर दिया, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में सैनिक स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे नामी संस्थानों की टक्कर का हो।

सफाई को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना

ओराम ने बच्चों से अपील की कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदारी से काम लें और एक साफ और स्वस्थ देश बनाने में अपना योगदान दें।

उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों में सफाई, पर्यावरण बचाने और नागरिक जिम्मेदारी की भावना जगाना 'स्वच्छ भारत, विकसित भारत' के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के सफाई को एक जन आंदोलन बनाने के विजन और 'स्वच्छ भारत, विकसित भारत' की सोच से प्रेरित होकर, 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान पूरे देश में सफाई, पर्यावरण संरक्षण और लोगों की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है।

लोगों की भागीदारी और अधिकारियों के साथ समीक्षा

इस कार्यक्रम में बच्चों, टीचरों, स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान साफ-सफाई, कूड़ा अलग करने, पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़ी कई गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया।

इस कार्यक्रम ने सफाई अभियान में 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' (पूरी सरकार का एक साथ आना) अप्रोच और लोगों की भागीदारी की शानदार मिसाल पेश की।

केंद्रीय मंत्री ने स्कूल परिसर में सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही, स्कूल के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा भी की।

इस मौके पर उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शाशनी, जिला प्रशासन के अधिकारी, राज्य सरकार के प्रतिनिधि, स्कूल के प्रिंसिपल, टीचर, स्टाफ और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मंत्री का चार दिन का उत्तराखंड दौरा

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री का यह उत्तराखंड दौरा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के जरिए आदिवासी शिक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत करने का एक अच्छा मौका दे रहा है।

अपने दौरे के दौरान मंत्री जी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, स्वच्छ भारत अभियान और आदिवासी शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम उत्तराखंड के चार दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे और 'उत्तराखंड आदि रंगोत्सव' में भी शिरकत करेंगे।

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