
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की और मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया।
प्राधिकरण के अनुसार, मनीराम मार्ग, गली नंबर-10, ऋषिकेश, जनपद देहरादून निवासी सरला अग्रवाल की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद MDDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रकरण की जांच की और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि उसके क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण स्वीकृत मानचित्र और तय नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है। बिना अनुमति निर्माण करने या अनधिकृत प्लाटिंग कराने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
MDDA की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति होने वाले निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले संबंधित मानचित्र को प्राधिकरण से स्वीकृत करा लिया जाए। निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किया जाना चाहिए, ताकि बाद में कार्रवाई की स्थिति न बने।
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी व्यक्ति को निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया है। प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और निर्माण गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। बंशीधर तिवारी ने आमजन से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत जरूर कराएं और प्राधिकरण के निर्धारित नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के अधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि MDDA क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और अवैध प्लाटिंग के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति लें और स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक ही निर्माण कराएं।
उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।