Perplexity.in खोलते ही Google Gemini खुल रहा? मजाक, गड़बड़ या कोई बड़ा प्लान

Published : Nov 21, 2025, 11:58 AM IST
Perplexity AI vs Google Gemini (Symbolic Photo)

सार

Perplexity AI Domain Redirect News: Perplexity.in अचानक गूगल जेमिनी पर रीडायरेक्ट होने लगा, जिससे यूजर्स के बीच अफवाहें फैल गईं कि शायद गूगल ने पेरप्लेक्सिटी को खरीद लिया है। लेकिन कंपनी का असली प्लेटफॉर्म अभी भी उसी के डोमेन पर ठीक काम कर रहा है। 

Perplexity AI vs Google Gemini: डिजिटल दुनिया में आजकल हर चीज बड़ी खबर बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ जब अचानक 'perplexity.in' खोलने पर यूजर्स सीधे गूगल जेमिनी (Google Gemini) पर पहुंचने लगे। दोनों कंपनियां AI सर्च रेस में सीधी टक्कर पर हैं, इसलिए यह रीडायरेक्ट लोगों को चौंका रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पेरप्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) अभी भी अपने असली डोमेन पर ठीक से चल रहा है, यानी कंपनी की तरफ से किसी बदलाव का कोई संकेत नहीं मिला है।अब सवाल उठ रहा है कि ये कोई मजाक है, टेक्निकल ग्लिच या किसी की स्ट्रेटेजिक गेम?

क्या गूगल ने Perplexity को खरीद लिया?

सोशल मीडिया पर कई पोस्ट दावा कर रहे हैं कि गूगल ने चुपचाप पेरप्लेक्सिटी को खरीद लिया है। लेकिन अब तक न गूगल और ना ही पेरप्लेक्सिटी की तरफ से इस तरह की कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं आई है। डोमेन रीडायरेक्ट किसी भी थर्ड-पार्टी के कंट्रोल में हो सकता है, इसलिए सिर्फ इससे किसी बड़ी डील का दावा करना जल्दबाज़ी होगी।

Perplexity रीडायरेक्ट की जानकारी कहां से आई?

कोडसॉफ्टिक (Codesoftic) के फाउंडर और CEO अभ‍िनंदन झाम्ब (Abhinandan Jhamb) ने अपने लिंक्डइन पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'डोमेन perplexity.in अब सीधे यूजर्स को गूगल जेमिनी पर ले जा रहा है, जो AI सर्च और असिस्टेंट के सेक्टर में पेरप्लेक्सिटी एआई का सबसे बड़ा कॉम्पटिटर है। अभी तक यह साफ नहीं है कि क्या यह डोमेन गूगल के पास है या गूगल ने खुद यह रीडायरेक्ट सेट किया है। कुछ लोगों का कहना है कि यह रीडायरेक्ट किसी का प्रैंक यानी मजाक हो सकता है, कोई मुकाबले की रणनीति हो सकती है या फिर सिर्फ उस व्यक्ति का फैसला हो सकता है, जिसके पास यह डोमेन है। फिलहाल असली पेरप्लेक्सिटी AI प्लेटफॉर्म अभी भी 'perplexity.ai' पर सामान्य रूप से काम कर रहा है।'

क्या किसी बड़े कदम की तैयारी है?

अगस्त 2025 में पेरप्लेक्सिटी ने गूगल के क्रोम ब्राउजर को खरीदने के लिए 34.5 बिलियन डॉलर का ऑल-कैश ऑफर भेजा है। यह ऑफर खुद पेरप्लेक्सिटी की वैल्यू ($18B) से भी बड़ा है। इस ऑफर में क्रोम के लिए $34.5 बिलियन कैश, अगले दो साल में $3 बिलियन डेवलपमेंट में निवेश, क्रोमियम (Chromium) को ओपन-सोर्स ही रखने का वादा, क्रोम की डिफॉल्ट सर्च सेटिंग्स में कोई बदलाव नहीं, क्रोम की टीम के एक बड़े हिस्से को जॉब ऑफर था। पेरप्लेक्सिटी का दावा है कि 'यूजर्स की पसंद बदलेगी नहीं, सिर्फ ब्राउजर और बेहतर होगा।'

Perplexity AI क्या है?

पेरप्लेक्सिटी एआई खुद को 'जानकारी ढूंढने का मल्टी-टूल' बताता है। आसान भाषा में कहें तो यह एक AI-पॉवर्ड सर्च इंजन है। इसे आप ChatGPT और गूगल सर्च का मिला-जुला रूप मान सकते हैं। यह आपको लिंक की लिस्ट नहीं देता, बल्कि आपके सवाल का सीधा, साफ और सोर्स के साथ जवाब देता है। पेरप्लेक्सिटी एक चैटबॉट की तरह काम करता है। आप इसे कोई भी सवाल पूछते हैं और यह आपको तुरंत जवाब देता है। यह गूगल और बिंग की APIs का इस्तेमाल करके ताजा खबरें, स्पोर्ट्स स्कोर और नई अपडेट्स भी खोजकर लाता है। इसलिए इसे आप एक तरह से AI चैटबॉट और सर्च टूल दोनों मान सकते हैं। जहां गूगल आपको कई वेबसाइट्स की लिस्ट दिखाता है, वहीं पेरप्लेक्सिटी खुद ही उन वेबसाइट्स को पढ़कर आपको छोटी-सी समरी दे देता है। साथ ही यह नीचे सभी सोर्स भी दिखाता है, ताकि आप चाहें तो उन पर जाकर पूरा कंटेंट पढ़ सकें।

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