
नई दिल्ली. ट्विटर ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि उसने अभी तक केंद्र के नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों (new IT rules) का पालन नहीं किया है। हालांकि, उसने कहा कि फिलहाल ऐसा करने की प्रक्रिया में है।
एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने पूछा कि क्या ट्विटर नए नियमों की अवहेलना कर रहा है। इस सवाल का केंद्र ने हां में जवाब दिया। बता दें कि 26 फरवरी से नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। ट्विटर ने भी इस बात पर सहमति जताई कि उन्होंने "आज तक" नियमों का पालन नहीं किया है। अमित आचार्य द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी और शिकायत की गई थी कि ट्विटर ने अभी तक निवासी शिकायत अधिकारी नियुक्त नहीं किया है।
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कोर्ट ने जताई नाराजगी
ट्विटर के बयान के बाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा- अब केंद्र सरकार, ट्विटर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और अब कंपनी को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्विटर की ओर से की जा रही देरी पर नाराजगी जताई है। ट्विटर की ओर से शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति को लेकर देरी की जा रही है, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।
फरवरी से चल रहा विवाद
ट्विटर और सरकार के बीच तनातनी फरवरी से चल रही है। किसान आंदोलन को लेकर ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी को लेकर भद्दी आलोचनाएं पब्लिश हो रही थीं। आईटी मिनिस्ट्री ने ट्विटर ने यह कंटेंट ब्लॉक करने को कहा था। लेकिन ट्विटर ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताकर विवाद खड़ा कर दिया था।
सरकार ने यह जारी की थी गाइडलाइन
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