पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले वकील मलिक, सावन में कांवड़ यात्रा में शामिल हो भगवान शंकर को जल चढ़ाने जरूर जाते

Published : Jul 15, 2022, 09:33 PM ISTUpdated : Jul 16, 2022, 07:47 PM IST
पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले वकील मलिक, सावन में कांवड़ यात्रा में शामिल हो भगवान शंकर को जल चढ़ाने जरूर जाते

सार

Sawan Kanwar Yatra धर्म के नाम पर झगड़ने वालों...वकील मलिक से कुछ सीखों, इस्लाम का अनुयायी है लेकिन भगवान शिव के प्रति है गहरी आस्था। हर साल सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहुंचते हैं जलभरने हरिद्वार और फिर आकर करते हैं अपने महादेव का जलाभिषेक।

नई दिल्ली। एक तरफ दुनिया धर्म के झगड़ों में उलझी हुई दिख रही है तो दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो धार्मिक उन्मादियों को आइना दिखा रहे हैं। यूपी के शामली जिले के रहने वाले वकील मलिक धार्मिक सौहार्द स्थापना के लिए नजीर हैं। पश्चिमी यूपी के शामली जिले के वकील मलिक लगातार छठवीं बार कांवड़ यात्रा में भाग लेने जा रहे हैं। वकील मलिक ने अपनी तैयारियां पूरी करने के साथ ऐहतियातन जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिए हैं। 

इस्लाम का करते हैं पालन, भगवान शिव में भी गहरी आस्था

42 वर्षीय वकील मलिक वैसे तो एक मुसलमान हैं। लेकिन भगवान शिव में उनकी गहरी आस्था है। वकील मलिक का कहना है कि वह इस्लाम का पालन करते हैं लेकिन भगवान शिव में भी उनकी आस्था है।
हर साल श्रावण के शुभ महीने के दौरान, वह अन्य शिव भक्तों की तरह उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री में गंगा का पानी लेने जाते हैं। यह पवित्र जल फिर इन कांवरों द्वारा भगवान शिव को अर्पित किया जाता है।

भैसवाल गांव में रहने वाले मलिक ने कहा कि वह पहले पांच बार हरिद्वार की कांवड़ यात्रा पर जा चुके हैं, लेकिन अन्य लोगों की तरह वह कोविड महामारी के दौरान नहीं जा सके। इस बार छठवीं यात्रा के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं।

शामली के गढ़ीपुख्ता तहसील के वकील मलिक ने कहा, "मुझे महादेव में विश्वास है। मेरी पिछली यात्राओं के दौरान कोई समस्या नहीं हुई है और मेरे गांव में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को मेरे अभ्यास से कोई समस्या नहीं है।"

दिहाड़ी मजदूरी करते हैं मलिक

वकील मलिक का सात लोगों का परिवार है। पत्नी व उनके अलावा चार बेटियां और एक बेटा है। वकील बताते हैं कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनके परिवार को उनके हिंदू जुलूस में शामिल होने से कोई ऐतराज नहीं है। वह बताते हैं कि परिवार के लोग जानते हैं कि उनको कांवड़ यात्रा पर जाना पसंद है और मैं इसे अपने दम पर करता हूं। मुझ पर इसे करने का कोई दबाव नहीं है। मैं इसे किसी के प्रति गलत इरादे से नहीं करता। 'गलत नहीं करते किसी का ... प्रभु का नाम लेते हैं' (मैं किसी को गलत नहीं करता, मैं सिर्फ भगवान के नाम का जाप करता हूं)।

प्रशासन को दे दी है जानकारी

मलिक ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को लिखित में दिया है कि वह इस बार भी यात्रा करेंगे और उनका आश्वासन मांगा ताकि मुझे या मेरे परिवार के साथ कुछ भी अनावश्यक या अप्रिय न हो। उन्होंने पहली बार यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी यात्रा से कोई अनावश्यक हिंदू-मुस्लिम धार्मिक विवाद पैदा हो। इसलिए मैंने अधिकारियों को सूचित कर दिया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मेरे साथ अपने फोन नंबर साझा किए हैं और मुझसे कहा है कि जब भी जरूरत होगी मैं उन्हें फोन कर सकता हूं।

सैकड़ों किलोमीटर चलना होगा पैदल

मलिक का अनुमान है कि उन्हें 250 किमी से अधिक पैदल चलना होगा। उन्होंने कहा कि वह 22 जुलाई को निकलेंगे और हरिद्वार पहुंचेंगे। वहां से पवित्र गंगा जल लेकर मेरठ-बागपत सीमा पर पुरा महादेव मंदिर के लिए जाएंगे। पुरा महादेव मंदिर है जहां मैं भगवान शिव को गंगा जल अर्पित करूंगा और फिर शामली में अपने गांव लौटूंगा और स्थानीय मंदिर में पवित्र जल चढ़ाऊंगा। उन्होंने कहा कि पुरा महादेव में गंगा जल चढ़ाने का मुहूर्त भी मिल गया है। यानी 26 जुलाई की शाम 7.17 बजे।

जिला प्रशासन अभी अनभिज्ञ

इस बीच, कांवड़ यात्रा के लिए शामली जिला प्रशासन के नोडल अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि उन्हें मलिक के मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है। कांवड़ यात्रा में भाग लेने के लिए किसी पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है। यह लोगों के लिए आस्था का मामला है और सभी को धार्मिक अभ्यास की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण दो साल बाद होने वाली यात्रा की सभी तैयारियां कर ली गई हैं।

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