सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीरजापुर में विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने 31 मई तक निर्माण पूरा करने, गुणवत्ता बनाए रखने और रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए।
लखनऊ/मीरजापुर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 17 मार्च को मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा भी लगाया और अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 31 मई तक विश्वविद्यालय का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिसर के अंदर सड़कों का निर्माण जल्द हो, पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सभी काम समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों। उन्होंने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि यहां ऐसे कोर्स शुरू किए जाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ रोजगार से भी जोड़ें। उन्होंने खासतौर पर मीरजापुर और सोनभद्र के युवाओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को व्यावहारिक और उपयोगी बनाने पर जोर दिया। साथ ही, विश्वविद्यालय द्वारा तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर भी शासन स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की समीक्षा की और कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय मीरजापुर के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए बनाया जा रहा है।
पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में मौलिश्री का पौधा लगाया और प्रशासन को निर्देश दिया कि आने वाले वर्षाकाल में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ मिलकर पौधे लगाए जाएं और शिक्षक, छात्र व कर्मचारी सभी इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा भाग लें, ताकि परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाई जा सके।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने उनका स्वागत पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर किया। इस मौके पर कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें
आशीष पटेल (कैबिनेट मंत्री), रमाशंकर पटेल (मड़िहान विधायक), प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) महेंद्र अग्रवाल, आयुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार शामिल हैं। इनके अलावा विश्वविद्यालय के भी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।


