उन्नाव रेप केस: सीबीआई पूछताछ के दौरान ट्रक ड्राइवर ने खोला राज, बताई हादसे की कहानी

Published : Aug 06, 2019, 02:15 PM ISTUpdated : Aug 09, 2019, 11:03 AM IST
उन्नाव रेप केस: सीबीआई पूछताछ के दौरान ट्रक ड्राइवर ने खोला राज, बताई हादसे की कहानी

सार

 सीबीआई ने उन्नाव रेप पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने टक्कर मारने वाले ट्रक के चालक आशीष पाल से पूछताछ की।


उन्‍नाव:  रेप पीड़ि‍ता के साथ रायबरेली में हुए सड़क हादसे के मामले में सीबीआई के अधिकारियों ने ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की है। पुलिस की जांच में ट्रक ड्राइवर आशीष पाल ने कई अहम खुलासे किए हैं। गौरतलब है कि ट्रक के क्‍लीनर और ड्राइवर ने बताया कि हादसे के वक्त ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। आशीष ने पुलिस को बताया कि वह बांदा से 27 जुलाई को तकरीबन 12 बजे चला था। ट्रक बांदा से फतेहपुर, लालगंज होते हुए रायबरेली जा रहा था। बता दें कि उन्नाव रेप पीड़िता के साथ रायबरेली में हुए सड़क हादसे के आरोपी ट्रक ड्राइवर आशीष कुमार पाल और क्लीनर मोहन 3 दिन की रिमांड पर सीबीआई की कस्टडी में है।


50-55 किलोमीटर प्रति घंटे से थी ट्रक की रफ्तार

ट्रक के ड्राइवर ने दुर्घटना के वक्‍त रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे होने की बात कबूल की है। उसने बताया कि बारिश बहुत तेज हो रही थी। ऐसे में अचानक सामने चार पहिया गाड़ी नजर आई़, उसने ब्रेक लगाया तो ट्रक के आगे का हिस्‍सा बाई ओर और पीछे का हिस्‍सा दाहिने ओर चला गया। इस दौरान सामने से आ रही कार ने ट्रक में टक्‍कर मार दी जिससे ट्रक घूम गया। बता दें कि, कार और ट्रक के बीच हुई टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वो खुद और उसके वकील महेंद्र सिंह चौहान गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।


 'हमारा लड़का किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है'

"10 दिन के लिए कह के गया था लेकिन बाद में पता चला कि उसे पुलिस ने पकड़ लिया है। साहब हमारा लड़का किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। पुलिस वालों से ही कोई गलती हुई है। अगर वह कुछ गलत किए होता तो काहे ट्रक पर वापस आता।"  कहना है ट्रक ड्राइवर आशीष पाल की बूढ़ी मां राजरानी का। फतेहपुर जिले से बांदा रोड पर लगभग 45 किमी दूर औती गांव पड़ता है। जहां पर उन्नाव रेप पीड़िता का एक्सीडेंट करने वाले ट्रक ड्राइवर आशीष पाल का परिवार रहता है। औती गांव में सबसे आखिरी घर आशीष का ही है। उसके घर पर भारी भीड़ इकठ्ठा थी। लग रहा था कि इस हादसे के बाद राजरानी एक आरोपी की तरह खाड़ी है और अपने बेटे के बचाव में हर संभव सफाई देने को तैयार है। राजरानी ने बताया कि जब वह ट्रक में था तब आखिरी बार बात हुई थी। हालचाल के अलावा और कोई बात नहीं हुई। आशीष के पिता सूरजभान लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक किसी से मुलाकात नहीं हो सकी है। बेटे की गिरफ्तारी से मायूस राजरानी की आंखों के कोरों में छुपे आंसू साफ देखे जा सकते हैं। वह कहती है कि, रविवार को हादसा हुआ तो हमें कुछ नहीं पता था। सुबह सोमवार को हमें बड़े बेटे ने बताया। 
 

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