भारतीय कार खरीदार अब माइलेज से ज्यादा सेफ्टी, टेक्नोलॉजी व आराम को महत्व दे रहे हैं। बड़ी स्क्रीन, सनरूफ, 6 एयरबैग, ADAS और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे आधुनिक फीचर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भारतीय कार बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। एक ज़माना था जब लोग कार खरीदते समय सिर्फ इंजन की ताकत, माइलेज और परफॉर्मेंस पर ध्यान देते थे। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। नई पीढ़ी के खरीदारों के लिए सेफ्टी, टेक्नोलॉजी, आराम और प्रीमियम केबिन एक्सपीरियंस सबसे ज़रूरी हो गया है। इसी को देखते हुए कार बनाने वाली कंपनियां भी अपने नए मॉडल्स में आधुनिक फीचर्स पर फोकस कर रही हैं।
बड़ी टचस्क्रीन और प्रीमियम केबिन
आज के ग्राहकों को कार के अंदर एक शानदार एक्सपीरियंस चाहिए। बड़ी टचस्क्रीन वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और वायरलेस कनेक्टिविटी जैसी खूबियां लोगों को खूब लुभा रही हैं। अब तो एंट्री-लेवल कारों में भी बड़ी स्क्रीन की मांग बढ़ रही है।
सनरूफ अब लग्जरी नहीं
पहले सनरूफ सिर्फ महंगी और लग्जरी गाड़ियों में ही देखने को मिलता था। लेकिन अब यह मिड-रेंज SUVs, हैचबैक और सेडान में भी एक आम फीचर बन गया है। खासकर पैनोरमिक सनरूफ युवाओं और परिवारों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
सेफ्टी फीचर्स को ज्यादा अहमियत
देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अब सेफ्टी को लेकर बहुत गंभीर हो गए हैं। 6 एयरबैग, ABS, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और 5-स्टार क्रैश सेफ्टी रेटिंग जैसी चीजें कार खरीदने के फैसले में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट जैसे एडवांस सेफ्टी सिस्टम की भी मांग बढ़ रही है।
360-डिग्री कैमरा और वायरलेस कनेक्टिविटी
शहरों की भीड़भाड़ वाली सड़कों और पार्किंग की दिक्कतों को देखते हुए 360-डिग्री कैमरा काफी पॉपुलर हो रहा है। इसके साथ ही, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले जैसे स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स भी ग्राहकों की ज़रूरी लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
वेंटिलेटेड सीट्स की बढ़ी डिमांड
भारत जैसे गर्म देश में वेंटिलेटेड सीट्स एक बड़ी राहत हैं। यह फीचर लंबी यात्रा के दौरान सीटों को ठंडा रखकर सफर को आरामदायक बनाता है। पहले यह सिर्फ प्रीमियम कारों में मिलता था, लेकिन अब मिड-रेंज मॉडल्स में भी यह आम होता जा रहा है।
कुल मिलाकर, आज के कार खरीदार सिर्फ इंजन और माइलेज ही नहीं देख रहे हैं। अब सेफ्टी, टेक्नोलॉजी, सफर का आराम और प्रीमियम फील जैसी बातें भी कार खरीदने के फैसले में अहम भूमिका निभा रही हैं।
