सरकार कनेक्टेड गाड़ियों के लिए साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर अपडेट अनिवार्य कर रही है। इसके लिए मोटर वाहन नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया गया है। ये नियम AIS-189 व AIS-190 मानकों को अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू करेंगे।
नई दिल्ली: देश में अब आपकी कार और ज्यादा सुरक्षित होने वाली है, खासकर अगर वो इंटरनेट से कनेक्टेड है। केंद्र सरकार कनेक्टेड गाड़ियों के लिए साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर अपडेट को अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। मंत्रालय ने बताया है कि इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से 30 दिनों के अंदर राय और सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
क्या हैं नए नियम?
ड्राफ्ट के मुताबिक, नियम 125-T गाड़ियों की साइबर सुरक्षा से जुड़ा है। इसके लागू होने के बाद गाड़ियों को भारत के AIS-189 साइबर सुरक्षा स्टैंडर्ड का पालन करना होगा। वहीं, नियम 125-U सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट से जुड़ा है, जो AIS-190 स्टैंडर्ड को अनिवार्य बनाएगा। बाद में जब भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) इन मामलों पर अपने स्टैंडर्ड जारी करेगा, तो वे लागू हो जाएंगे।
ये साइबर सुरक्षा नियम पैसेंजर गाड़ियों, कमर्शियल गाड़ियों, कम से कम एक इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) वाले ट्रैक्टरों और लेवल 3 या उससे ऊपर की ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टम वाली क्वाड्रिसाइकिलों पर लागू होंगे। सॉफ्टवेयर अपडेट के नियम पैसेंजर गाड़ियों, कमर्शियल गाड़ियों, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर पर भी लागू करने का प्रस्ताव है।
कब से लागू होंगे नियम?
सरकार इन नियमों को एक साथ लागू नहीं करेगी, बल्कि इन्हें फेज यानी कि किश्तों में लागू किया जाएगा।
- लेवल 3 या उससे ऊपर की ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टम वाली नई मॉडल गाड़ियों के लिए ये नियम अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
- इसी कैटेगरी की मौजूदा मॉडल्स के लिए यह अप्रैल 2027 से अनिवार्य होगा।
- जो गाड़ियां ओवर-द-एयर (OTA) यानी सीधे इंटरनेट से सॉफ्टवेयर अपडेट ले सकती हैं, उनके लिए ये नियम अप्रैल 2028 से अक्टूबर 2028 के बीच लागू किए जाएंगे।
- सॉफ्टवेयर अपडेट की सुविधा वाली बाकी सभी गाड़ियों के लिए अक्टूबर 2029 से ये नियम जरूरी हो जाएंगे।
इन नए नियमों के जरिए सरकार का मकसद गाड़ियों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना और भारत को अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर लाना है। यूरोपियन यूनियन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश पहले ही गाड़ियों की साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट को अनिवार्य कर चुके हैं। ये देश संयुक्त राष्ट्र के वाहन नियमों का पालन करते हैं, और भारत भी अब उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
