2026 के केंद्रीय बजट में सरकार सस्ती इलेक्ट्रिक कारों पर जोर दे सकती है। टाटा मोटर्स ने एंट्री-लेवल ईवी को बढ़ावा देने की मांग की है, इसलिए टैक्स में छूट और सब्सिडी जैसे कदमों की उम्मीद की जा सकती है।

Electric Cars Get Cheaper in India: 2026 में 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट में सस्ती और एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा सकता है। भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार टैक्स में छूट, सब्सिडी और आसान फाइनेंसिंग जैसे उपायों पर विचार कर सकती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टाटा मोटर्स की मांग

देश की सबसे बड़ी गाड़ी बनाने वाली कंपनी, टाटा मोटर्स ने सरकार से एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारों और फ्लीट ऑपरेशंस में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि पैसेंजर व्हीकल मार्केट में तो तरक्की दिख रही है, लेकिन सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा ने कहा कि सरकार के शुरुआती कदमों से ऑटो सेक्टर को मदद मिली है, लेकिन एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां अभी भी मुश्किल में हैं।

क्या है पीएम ई-ड्राइव स्कीम?

सरकार पहले से ही पीएम ई-ड्राइव स्कीम चला रही है, जो कंपनियों और संस्थानों को फ्लीट इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए सब्सिडी और आर्थिक मदद देती है। इस स्कीम के लिए सरकार ने ₹10,000 करोड़ का बजट रखा है। हालांकि, आम पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों को अभी तक इसमें सीधे तौर पर शामिल नहीं किया गया है।

2026 के बजट में बदलाव ला सकते हैं बड़ा असर

अगर बजट में सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर ध्यान दिया जाता है, तो यह देश के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। इससे कंपनियों को प्रोडक्शन बढ़ाने, नई टेक्नोलॉजी विकसित करने और रोजगार के मौके बनाने में मदद मिलेगी। अगर सही टैक्स छूट और सब्सिडी दी गई, तो आने वाले सालों में सस्ती इलेक्ट्रिक कारें हर घर में पहुंच सकती हैं।