बारिश में आपकी गाड़ी का माइलेज अचानक कम हो गया है? इसका कारण आपकी 3 गलतियां हो सकती हैं। जानें इन गलतियों को कैसे सुधारें और पेट्रोल-डीजल बचाने के आसान टिप्स।

Monsoon Driving Mistakes: बारिश ने प्रयागराज से लेकर बिहार और पहाड़ी इलाकों तक लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर घरों में पानी भर गया है और सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। इस मौसम में गाड़ी चलाना भी उतना ही मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह जलभराव, लंबा ट्रैफिक जाम और कीचड़ के बीच ड्राइविंग करना किसी सिरदर्द से कम नहीं है। लेकिन क्या आपने एक बात पर गौर किया है? बारिश के दिनों में कई बार गाड़ी अचानक से ज्यादा तेल (पेट्रोल या डीजल) पीने लगती है और माइलेज गिर जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि गाड़ी में कोई बड़ी खराबी आ गई है, लेकिन सच तो यह है कि अनजाने में हम खुद कुछ ऐसी गलतियां कर रहे होते हैं, जो माइलेज खराब कर देती है। आइए जानते हैं कि बारिश में वो कौन सी 3 आम गलतियां हैं, जो आपकी गाड़ी का माइलेज बिगाड़ रही हैं और इनसे कैसे बचा जाए...

टायरों में हवा कम रखना

बारिश के मौसम में तापमान थोड़ा कम हो जाता है, जिसका असर गाड़ी के टायरों पर भी पड़ता है। कई लोग यह सोचकर टायरों में हवा कम रखते हैं कि इससे गीली सड़क पर ग्रिप अच्छी बनेगी। जब टायर में हवा कम होती है, तो उसका ज्यादा हिस्सा सड़क से रगड़ खाता है। इससे इंजन पर ज्यादा जोर पड़ता है और गाड़ी आगे बढ़ने के लिए ज्यादा तेल पीने लगती है। ऐसे में बारिश हो या गर्मी अपनी गाड़ी के टायरों का प्रेशर हमेशा कंपनी के बताए गए लेवल पर ही रखें। हफ्ते में एक बार हवा जरूर चेक कराएं।

जरूरत से ज्यादा AC और डिफॉगर चलाना

बारिश में शीशों पर भाप (Fog) जम जाना एक आम बात है। इसे हटाने के लिए लोग गाड़ी का एसी और डिफॉगर फुल स्पीड पर चला देते हैं। साथ ही बारिश में ट्रैफिक जाम भी ज्यादा लगते हैं और लोग घंटों इंजन और एसी ऑन करके बैठे रहते हैं। लगातार एसी चलने और जाम में गाड़ी स्टार्ट रखने (Idling) से पेट्रोल पानी की तरह खर्च होता है। इसलिए शीशे से भाप हटाने के लिए थोड़ी-सी खिड़की खोल लें या कुछ सेकंड के लिए एसी चलाकर बंद कर दें। अगर आप किसी जाम में 1 मिनट से ज्यादा फंसे हैं, तो इंजन को बंद कर देना ही समझदारी है।

गलत गियर में चलना और बार-बार क्लच-ब्रेक दबाना

बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरा होता है और गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। ऐसे में लोग बहुत ही धीमी स्पीड में, पहले या दूसरे गियर में ही गाड़ी चलाते हैं। डर की वजह से उनका पैर लगातार क्लच और ब्रेक पर रहता है। लोअर गियर (Lower Gear) में गाड़ी चलाने और बिना बात क्लच दबाए रखने (Clutch Riding) से इंजन पर सीधा लोड पड़ता है। इससे माइलेज बहुत तेजी से गिरता है। ऐसे में कोशिश करें कि पानी भरी सड़कों के बजाय सही रास्तों का चुनाव करें। ट्रैफिक के हिसाब से सही गियर का इस्तेमाल करें और पैर को क्लच से हटाकर रखें।

बारिश में इस बात का भी रखें ख्याल

बारिश में गाड़ी की चेन (बाइक में) और एयर फिल्टर को भी साफ रखें, क्योंकि इनमें कीचड़ फंसने से भी इंजन की परफॉर्मेंस खराब होती है और तेल की खपत बढ़ जाती है। इससे आपको लंबी चपत लग सकती है।