मुंबई/पटना. भोजपुरी सिंगर, एक्टर और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को बिहार चुनाव प्रचार के दौरान सुशांत का नाम लेना भारी पड़ गया। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगी। ऐसे में धमकियां मिलने के बाद मनोज तिवारी की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है और उन्हें रैलियों में ना जाने की सलाह दी गई है। इन सभी के बावजूद एक्टर ने बयान दिया है कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये सच है कि दिनारा जाने से पहले धमकी मिली है और उन्हें पार्टी के सदस्यों ने रैली को भी छोड़ने के लिए कहा है। दिनारा के लोगों को निराश नहीं करना चाहते मनोज तिवारी...

मनोज तिवारी को पार्टी के सदस्यों ने रैली छोड़ने के लिए कहा है और सुरक्षा में रहने के लिए बोला है। ऐसे में मनोज तिवारी का कहना है कि वो दिनारा के लोगों को निराश नहीं करना चाहते हैं। मनोज ने आगे कहा कि 'निश्चित तौर पर ऐसी धमकियों से डर लगता है, लेकिन ये उन्हें वो करने से नहीं रोक सकतीं जो उन्हें करना है।' 

मनोज तिवारी ने कहा कि 'उनकी पार्टी भीड़ जुटाने के लिए उन पर निर्भर है। वो इसे भगवान की कृपा मानते हैं कि बिहार में हर रैली में 10-15 हजार लोगों की भीड़ उन्हें मिली।' सांसद का कहना है कि 'ये गजब बात है। समर्थक दूर दराज से उम्मीदों के साथ आते हैं। वो उन्हें निराश नहीं कर सकते। जहां तक धमकियों की बात है वो केवल एक ही जगह है। अगर जाना है तो जाना ही है।' लेकिन, वो मानते हैं कि 'जब तक उनका बुलावा नहीं आता तब तक कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता।'

 

हम एक्सपोज हो रहे हैं: मनोज तिवारी 

एक इंटरव्यू में मनोज ने चुनावी रैलियों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में भी बात की। इस दौरान उन्होनें कहा कि 'हजारों लोग एक ही मैदान में होते हैं। लेकिन, उनमें से कोई भी कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करता। हम बहुत बड़े स्तर के इंफेक्शन के खतरे पर एक्सपोज हो रहे हैं।' मनोज इन दिनों बिहार चुनाव के लिए अपने प्राइवेट जेट से रोज 4-5 शहरों में जा रहे हैं। अपने कैम्पेन के बाद मनोज शाम को परिवार के पास दिल्ली आ जाते हैं। बिहार चुनाव के लिए वो बीजेपी की ओर से प्रचार कर रहे हैं।