नीतीश कुमार से नाराज एलजेपी ने 143 विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की सूची बनाकर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को देगी। बिहार चुनाव को लेकर गठबंधन के सारे फैसले लेने के लिए पार्टी ने चिराग पासवान को अधिकृत कर दिया है। गठबंधन को लेकर चिराग जल्द फैसला लेंगे। 

पटना (Bihar ) । बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही जेडीयू और एलजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। एलजेपी नेता चिराग पासवान ने दलितों के लिए सीएम नीतीश कुमार की घोषणा पर चिट्ठी भेजकर सवाल उठाए तो जेडीयू भड़क गई। जेडीयू ने चिराग को चेतावनी दी कि हमारा गठबंधन बीजेपी के साथ है, एलजेपी के साथ नहीं। वहीं, एलजोपी ने दिल्ली में आयोजित संसदीय बोर्ड की मीटिंग में बड़े फैसले लिए। चर्चा है कि पार्टी बिहार में 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।

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गठबंधन को लेकर जल्द फैसला लेंगे चिराग
नीतीश कुमार से नाराज एलजेपी ने 143 विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों की सूची बनाकर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को देगी। बिहार चुनाव को लेकर गठबंधन के सारे फैसले लेने के लिए पार्टी ने चिराग पासवान को अधिकृत कर दिया है। गठबंधन को लेकर चिराग जल्द फैसला लेंगे।

40 सीट से कम लेने को तैयार नहीं चिराग
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि चिराग का मूड एनडीए छोड़ने का नहीं है। वे सिर्फ सीट शेयरिंग के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि एनडीए में उन्हें 25 से 27 सीट मिल सकती है। लेकिन, वे 40 सीट से कम पर मानने को तैयार नहीं है।

भाजपा से सीएम कैंडिडेट चाहती है लोजपा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक एलजेपी बिहार में बीजेपी की तरफ से सीएम कैंडिडेट चाहती है। इसी वजह से चिराग पिछले कुछ दिनों से लगातार नीतीश पर हमलावर हैं। वे बिहार सरकार की खामियों को लगातार उजागर कर रहे हैं। इससे एनडीए के अंदर असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है। भाजपा जहां डैमेज कंट्रोल में जुटी है। वहीं, जदयू ने चिराग की काट जीतनराम मांझी में ढूंढ लिया है।

चिराग की चिट्ठी में क्या?
चिराग ने चिट्ठी के माध्यम से नीतीश कुमार से कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति ही नहीं, बल्कि किसी वर्ग के किसी भी व्यक्ति की हत्या न हो, इस दिशा में भी कठोर कदम उठाने की जरूरत है। पिछले 15 सालों में जितने भी एससी-एसटी समुदाय के लोगों की हत्या के मामले न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा जाए। इन दोनो मांगों के साथ एलजेपी सहमत है।

जेडीयू ने क्या कहा?
एलजेपी की इस मांग से सरकार पर सम्पूर्ण बिहारी का विश्वास बढ़ेगा, अन्यथा जनता इसको मात्र चुनावी घोषणा मानेगी। वहीं, चिट्ठी को लेकर पूछे गए सवाल पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि चिराग पासवान को भद्दे बयानों से बचना चाहिए। बीजपी के साथ हमारा गठबंधन है, एलजेपी के साथ नहीं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जीतनराम मांझी पहले भी एनडीए का हिस्सा थे, तो अब चिराग को आपत्ति क्यों है?