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कैम्पेन के आखिरी दिन CM नीतीश ने चला ट्रम्प कार्ड, कहा- 'ये मेरा अंतिम चुनाव, अंत भला तो सब भला'

बिहार में विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के कैम्पेन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्रम्प कार्ड चल दिया है। पूर्णिया की चुनावी रैली में नीतीश ने ऐलान किया कि ये उनका आखिरी चुनाव है। इस ऐलान से तीसरे फेज में सत्ता विरोधी लहर के कुंड पड़ जाने की संभावना है। 

CM Nitish big statement, the election meeting said - this is my last election ASA
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Bihar, First Published Nov 5, 2020, 4:41 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार में विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के कैम्पेन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की। चुनावी रैली में एनडीए के सीएम फेस नीतीश ने साफ कर दिया कि ये मेरा अंतिम चुनाव है। नीतीश पिछले 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। हालांकि इस बीच एक बार उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था और उनकी जगह जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री बनाए गए थे।  

पूर्णिया की सभा में नीतीश कुमार ने कहा- "आप जान लीजिए आज चुनाव का आखिरी दिन है। और परसों चुनाव है। ये मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला। आप बताइए, वोट दीजिएगा ना। हाथ उठाकर बताइए।" इतना कहने के बाद नीतीश मंच पर मौजूद प्रत्याशी को जीत की माला पहना दी। 

इससे पहले नीतीश ने कहा- "संपूर्ण बिहार के लोगों के प्रेम व सहयोग से मुझे काम करने का अवसर मिला। मैंने हमेशा से सेवा की है, यही मेरा धर्म है यही मेरा कर्म है।" नीतीश धमदाहा विधानसभा में लेसी सिंह के पक्ष में रैली कर रहे थे। 

नीतीश के मास्टरस्ट्रोक से बदल सकता है चुनाव 
अंतिम चुनाव का नारा देना नीतीश का ट्रम्प कार्ड साबित हो सकता है। नीतीश के इस बयान से उनके खिलाफ दिख रहा सरकार विरोधी माहौल कमजोर पद सकता है। तीसरा फेज हर लिहाज से बिहार के लिए महत्वपूर्ण है। अपनी अच्छी छवि के साथ अंतिम चुनाव की घोषणा से नीतीश पासा चुनाव का पासा पलट सकते हैं। अब देखना होगा कि नीतीश के मास्टरस्ट्रोक का विपक्ष किस तरह से जवाब देता है। 

महिलाओं के लिए किए बहुत काम 
लेसी सिंह के समर्थन में धमदाहा रैली करने आए नीतीश कुमार ने कहा- हमारी सरकार ने महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए बहुत काम किए। हमने पहली बार महिलाओं को 50 पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की। पहले लड़कियां मिडिल की पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाती थीं। हमें पता चला कि ऐसा पोशाक की वजह से है। बाद में हमारी सरकार ने पोशाक योजना शुरू की। इसका असर ये रहा कि लड़कियों की संख्या बढ़ गई। जीविका दीदी के जरिए लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर हुईं। 

मौका मिला तो आगे लेकर जाएंगे 
नीतीश ने कहा- न सिर्फ महिला बल्कि समाज के हर उस तबके के लिए मैंने सेवा और काम करने की कोशिश की। हमें जब भी मौका मिला काम किया। इस बार भी मौका मिला तो केंद्र सरकार के साथ मिलकर बिहार को और आगे लेकर जाएंगे।

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