पटना में एक लिफ्ट लोगों के लिए दशहत की वजह बन गई। ये लोग एक कार्यक्रम में शामिल होने होटल पहुंचे थे। जब लोग ग्राउंड फ्लोर से खाना खाकर फर्स्ट फ्लोर के लिए लिफ्ट में बैठे, तो चंद सेकंड में ही चीखें निकल गईं।

पटना. यहां एक लिफ्ट में खराबी आ जाने से 8 लोग करीब डेढ़ घंटे तक उसके अंदर फंसे रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका। इससे घबराकर दो महिलाएं बेहोश हो गईं। घटना एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के फुलवारीशरीफ स्थित कृष क्लार्क इन होटल में हुई। बताते हैं कि आदर्श कॉलोनी के रहने वाले दीपक सिन्हा के बेटे दैविक सिन्हा की छठी का कार्यक्रम था। दीपक मुंबई में बैंक मैनेजर हैं। कुछ मेहमान मुंबई से भी आए थे। यहां ग्राउंड फ्लोर पर खाना हो रहा था। खाना खाने के बाद कुछ लोग लिफ्ट के जरिये फर्स्ट फ्लोर पर आ रहे थे। लेकिन लिफ्ट बीच में ही अटक गई। इससे लिफ्ट में बैठे 8 लोगों की मानों सांसें अटक गईं। इनमें महिलाएं और बच्चे ज्यादा थे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका। घबराहट में दो महिलाएं बेहोश हो गईं। हैरानी की बात यह रही कि होटल मैनेजमेंट ने घटना की सूचना पुलिस तक को नहीं दी। इससे लोगों को निकालने में देरी हुई। पुलिस होटल के मैनेजर हरेंद्र कुमार को पकड़कर ले गई।

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शीशा तोड़कर लोगों को निकाला..
जब तकनीशियन लिफ्ट का दरवाजा नहीं खोल पाया, तब गुस्से में लोगों ने लिफ्ट का कांच तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि लिफ्ट खुलवाने में होटल के कर्मचारियों ने कोई मदद नहीं की। उन्होंने लिफ्ट तोड़ने के लिए रखे डंडे-रॉड तक छुपा लिए थे। आखिर में एक गाड़ी में रखी रॉड निकालकर कांच तोड़ना पड़ा।