मांझी ने एक जाति (ब्राह्मण) विशेष पर अभद्र टिप्पणी को लेकर मंगलवार को फिर माफी मांगी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि एक जाति के खिलाफ बोले गए मेरे शब्द स्लिप ऑफ टंग हो सकता है, जिसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। वैसे मैं ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं। इस व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। 

पटना। बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (Hindustani Awam Morcha) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitanram Manjhi) ने ब्राह्मणों (brahmins) के लिए अपशब्द कहने के मामले में भले ही माफी मांग ली हो, मगर ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मांझी को बिहार और अन्य जगहों पर भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, भाजपा नेता गजेंद्र झा (Gajendra Jha) ने माझी की जुबान काटने वाले को 11 लाख रुपए देने का ऐलान कर सनसनी फैला दी। इस बयान पर मांझी की पार्टी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि मांझी ने माफी मांग ली है। भाजपा ऐसे लोगों पर कार्रवाई करे। अब गेंद बीजेपी (BJP) आलाकमान के पाले में थी तो पार्टी ने गजेंद्र झा को भाजपा से निष्कासित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। भाजपा ने इस कार्रवाई को लेकर कहा है कि किसी के लिए भी अमर्यादित भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंसा की बात पार्टी में स्वीकार्य नहीं है।

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बता दें कि मांझी ने एक जाति (ब्राह्मण) विशेष पर अभद्र टिप्पणी को लेकर मंगलवार को फिर माफी मांगी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि एक जाति के खिलाफ बोले गए मेरे शब्द स्लिप ऑफ टंग हो सकता है, जिसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। वैसे मैं ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं। इस व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर मांझी की जीभ काटने वाले को 11 लाख देने की बात कहने वाले बीजेपी नेता गजेंद्र झा को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा गजेंद्र झा से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। बता दें कि गजेंद्र झा ने मांझी को लेकर कहा था कि जो भी जीतन राम मांझी की जुबान काटकर लाएगा, उसे 11 लाख रुपए दूंगा। 

बीजेपी अपने नेताओं को समझाए... ये दलितों का अपमान नहीं?
बीजेपी नेता के इस विवादित बयान के बाद मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने भी पलटवार किया। पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि मांझी के लिए लगातार अभद्र टिप्पणी की जा रही है। जुबान काटने की बात क्या दलितों का अपमान नहीं है? दानिश ने कहा कि मैं बिहार बीजेपी के आला नेताओं से कहना चाहता हूं कि वह अपने लोगों को समझाएं कि यह सब ठीक नहीं है।

बिहार में जगह-जगह केस
मांझी ने भले ही अपने विवादित बयान पर माफी तो मांग ली है लेकिन ब्राह्मण समाज की तरफ से उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मांझी के खिलाफ बिहार के कोर्ट और अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज की गई। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है।