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वर्षों की मेहनत से बनाया मकान, चंद सेकेंड में बाढ़ की भेंट चढ़ गए सपने; डूब गया सबकुछ

पेशे से राजमिस्त्री बिंदेश्वरी ने कई वर्षों तक मेहनत कर पक्का मकान बनाया था। वह अपने घर का दूसरा फ्लोर बना रहे थे तभी बाढ़ आ गई। मकान मही नदी के पास था। इस साल नदी की धारा बदली और मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पानी की तेज धारा के चलते मकान के नींव के नीचे की मिट्टी कट गई थी। खतरे को देखते हुए घर में रह रहे सभी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे।

Bihar flood 2020: After years of hard work, the house collapses in seconds ASA
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Bihar, First Published Aug 12, 2020, 1:58 PM IST
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पटना (Bihar) । बिहार में इस बार बाढ़ 16 जिलों में है। वहीं, मरने वालों की संख्या 24 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 16 जिलों में 62,000 से ज्यादा लोगों के प्रभावित क्षेत्रों में पानी घुस गया, जिससे बाढ़ पीड़ितों की संख्या 75 लाख से अधिक हो गई। सारण जिले के तरैया प्रखंड से होकर बहने वाली मही नदी इन दिनों तबाही मचा रही है। उफनती नदी ने पचरौर बाजार के बिंदेश्वरी सिंह कुशवाहा का सबकुछ छीन लिया। उनका पक्का मकान चंद सेकेंड में गिरकर बह गया। बता दें कि इस मकान को बनाने के लिए वे वर्षों से मेहनत कर रहे थे।

Bihar flood 2020: After years of hard work, the house collapses in seconds ASA

यह है पूरा मामला
पेशे से राजमिस्त्री बिंदेश्वरी ने कई वर्षों तक मेहनत कर पक्का मकान बनाया था। वह अपने घर का दूसरा फ्लोर बना रहे थे तभी बाढ़ आ गई। मकान मही नदी के पास था। इस साल नदी की धारा बदली और मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पानी की तेज धारा के चलते मकान के नींव के नीचे की मिट्टी कट गई थी। खतरे को देखते हुए घर में रह रहे सभी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे।

Bihar flood 2020: After years of hard work, the house collapses in seconds ASA

ताश के पत्ते की तरह ढह गया मकान
बुधवार को वही हुआ, जिसका अंदेशा था। मकान नदी की तरफ झुकने लगी फिर चंद सेकेंड में ताश के पत्ते की तरह भरभराकर ढह गई। धूल का गुबार उठा और मकान का बड़ा हिस्सा नदी में बह गया। गुबार जब हटा तो मकान की जगह उसका कुछ मलबा ही बचा था। नदी की धारा उसे भी अपने साथ लिए जा रही थी।

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