बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर बेपटरी हो चुकी है, इसकी एक बानगी वैशाली जिले से सामने आई है। जिले के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस खड़ी रही लेकिन परिजन 30 वर्षीय शख्स का शव बाइक पर ले जाने को मजबूर हुए। 

वैशाली। बीते दिनों बिहार के जहानाबाद से मृत बच्चे का शव पैदल लेकर बदहवास रोती हुई जाती माता-पिता का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग की जमकर खिंचाई हुई थी। हालांकि मामले में प्रशासन की ओर से कुछ खास नहीं हो सका। अब ऐसा एक मामला बिहार के वैशाली जिले से सामने आया है। जहां अस्पताल में एंबुलेंस खड़ी रही लेकिन शव ले जाने के लिए परिजनों को वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। मामला वैशाली के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां एंबुलेंस का घंटों इंतजार करने के बाद परिजन बाइक से शव ले जाने के लिए मजबूर हुए। 

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कुएं में गिरने के कारण हो गई थी 30 वर्षीय शख्स की मौत
मिली जानकारी के अनुसार देसरी थाना के नयागांव पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या 14 निवासी अवधेश कुमार (30 वर्ष) की मौत गुरुवार की रात में कुआं में गिरने के कारण हो गई थी। अवधेश कुमार जब कुआं से पानी निकाल रहा था इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह कुआं में जा गिरा था। जिसके बाद परिजन उसे कुआं से निकालकर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महनार लाए थे, जहां डॉक्टर ने उसे जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। परिजनों के बताया कि अस्पताल प्रशासन से शव को घर ले जाने हेतु एंबुलेंस आदि वाहन की मांग की गई, लेकिन कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई।

मानवता को शर्मसार करने वाली घटना से लोगों में रोष
परिजनों ने बताया कि लगभग तीन घंटे तक उन लोगों ने अस्पताल में इंतजार किया। साथ ही 104 नम्बर पर फोन भी किया। लेकिन 104 नम्बर पर फोन नहीं लगा। बताया कि जब कोई साधन अस्पताल द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसके बाद शव को किसी प्रकार मोटरसाइकिल पर ही रखकर घर लाया गया। बताते चले कि बिहार की सभी सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस की सुविधा दी गई है। सीएचसी में एंबुलेंस नहीं होने पर सदर अस्पताल अथवा जिले से भेजा जाता है। लेकिन वैशाली से सामने आई मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना से लोगों में रोष हैं।