यह शादी का यह अनोखा नजारा सारण जिले के सोनपुर प्रखंड में सबलपुर पूर्वी क्षेत्र में देखने को मिला। जहां बेटी की शादी में पिता ने रामायण काल की तरह स्वयंवर आयोजित किया था। लड़की के घरवालों ने राजा जनक की तरह अपने घर में दरबार सजाया था।

छपरा (बिहार). आपने कई अजब-गजब शादियां देखी होंगी। लेकिन बिहार के सारण जिले में एक ऐसी अनोखे तरीके से शादी हुई है, जो इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई है। जिसने भगवान राम और सीता के स्वयंवर की याद दिला दी। ठीक त्रेतायुग की तरह स्वयंवर का आयोजन किया गया था। जहां दूल्हे को योद्धाओं की भांति धनुष तोड़कर दुल्हन के गले में वरमाला डालनी थी। हालांकि यहां दूल्हा पहले से फिक्स था,लेकिन बाकी की रश्में उसी तरह रखी गई थीं।

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राजा जनक की तरह सजा था दरबार
दरअसल, यह शादी का यह अनोखा नजारा सारण जिले के सोनपुर प्रखंड में सबलपुर पूर्वी क्षेत्र में देखने को मिला। जहां बेटी की शादी में पिता ने रामायण काल की तरह स्वयंवर आयोजित किया था। लड़की के घरवालों ने राजा जनक की तरह अपने घर में दरबार सजाया था। इसे देखने के लिए सैंकड़ों लोग आए हुए थे। दू्ल्हे ने भी भगवान राम की तरह धनुष तोड़कर शादी रचाई।

धनुष के टूटते ही होने लगी फूलों की बारिश
जैसे ही दूल्हे ने धनुष के दो टुकड़े किए तो जयकारों की गूंज होने लगी। शादी में आए सभी घराती-बराती दूल्हे पर फूलों की बारिश करने लगे। मंडप में मौजूद महिलाओं ने मंगल गीत गाए। जिसके बाद पंडित मंत्रोच्चार कर सभी रस्मों को पूरा करवाया।

इस वजह से सतयुग वाली परंपरा निभाई गई
बता दें कि अहमदपुर के रहने वाले धर्मनाथ राय ने अपने बेटे अर्जुन कुमार की शादी सबलपुर के निवासी मुंशी राय की बेटी प्रियंका कुमारी साथ तय की थी। हालांकि उस वक्त ऐसा कुछ तय नहीं हुआ था कि दूल्हे को जयमाला से पहले धनुष तोड़ना होगा। बताया जाता है कि सुर्खियां बटोरने और शादी में कुछ नया करने के लिहाज से सतयुग वाली परंपरा स्वयंवर आयोजित किया था।

कुछ नया करने के चक्कर में कोरोना नियमों की उड़ाईं धज्जियां 
स्वयंवर वाली शादी को देखने लिए आसपास के कई गांव के लोग पहुंचे हुए थे। इस दौरान कोरोना नियमों की जमकर धज्जियां उड़ी। कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया और न ही किसी ने मास्क पहना हुआ था। यानि कुछ नया करने के चक्कर में उन्होंने सारे नियमों को किनारे कर दिया।