गिरिराज सिंह की पहचान एक प्रखर हिंदू नेता की है। हिंदू हित के मामले पर वो कई बार खुलकर बयान दे चुके हैं। बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने हाल ही में मां के शव को दफनाने जा रहे हिंदू युवक को रोककर समझाया।  

बेगूसराय। प्रखर हिंदूवादी नेता और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह अक्सर अपने बयान और काम के लिए चर्चा में रहते हैं। कई बार पाकिस्तान और मुस्लिमों पर विवादित बयान के कर वो विवाद में भी पड़ चुके है। लेकिन इसके बाद भी उनकी पहचान एक कट्टर हिंदूवादी नेता है। अपनी इन्हीं पहचान के साथ गिरिराज सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव लेफ्ट नेता कन्हैया कुमार को भारी मतों से हराकर चुनाव जीता था। गिरिराज सिंह के बारे में कहा जाता है कि वो अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रहते है। जिसका उदाहरण ये घटना है। बीते दिनों उनके संसदीय क्षेत्र बेगूसराय का एक युवक अपनी मां की मौत के बाद उसके शव को दफनाने जा रहा था। जिसकी जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। 

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गिरिराज सिंह के समझाने पर माना युवक
पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उक्त युवक को समझाने की कोशिश की। लेकिन युवक को नहीं मानते देख उसे बीजेपी ऑफिस में मौजूद सांसद गिरिराज सिंह के पास लेकर गए। जहां गिरिराज सिंह के समझाने के बाद उक्त युवक मान गया और मां के शव को दफनाने का विचार त्यागकर हिंदू रिति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कराया। बताया जाता है कि मृतका ने ईसाई धर्म अपना लिया था। जिसकारण उसकी मौत के बाद उनका बेटा मनोज पासवान अपनी मां भाग्यमनि देवी का अंतिम संस्कार ईसाई क्रबिस्तान में करने जा रहा था। 

लालच दे धर्म परिवर्तन कराना हो अपराधः गिरिराज
लेकिन रास्ते से ही बजरंग दल के कार्यकर्ता उसे घेर कर भाजपा ऑफिस ले लाए, जहां मौजूद गिरिराज सिंह ने उक्त युवक को बताया कि हिंदू धर्म से बड़ा और कोई धर्म नहीं है। लोभ-लालच देकर हिंदूओं को जबरदस्ती ईसाई बनाया जा रहा है। तुम्हारी मां के साथ भी यहीं हुआ होगा। सांसद के समझाने पर मनोज ने अपनी मां का अंतिम संस्कार हिंदू रिवाज से किया। मामले में गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि आज देश को एक ऐसे कानून की जरूरत है जिसमें लोभ-लाभ देकर धर्म-परिवर्तन कराना कानूनन अपराध हो।