चिराग पासवान ने एक तरफ चाचा को मंत्री बनने की बधाई दी वहीं दूसरी तरफ उनपर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि चाचा ने  पूरे परिवार और पार्टी को तोड़ा है। 

पटना. बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी पर कब्जे को लेकर चाचा-भतीजा में झगड़ा चल रहा है। पशुपति पारस को केंद्र में मंत्री बनने के बाद चिराग पासवान को बड़ा झटका लगा है। इसी बीच चिराग ने पशुपति पारस मंत्री बनने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए अपना दर्द बयां किया।

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'ये पार्टी पापा के खून-पसीने से बनाई पार्टी है'
आशीर्वाद यात्रा पर निकले चिराग पासवान ने एक तरफ चाचा को मंत्री बनने की बधाई दी वहीं दूसरी तरफ उनपर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि चाचा ने पूरे परिवार और पार्टी को तोड़ा। ये पार्टी पापा के खून-पसीने से बनाई हुई है, पार्टी मेरे पास रहेगी और जो जनसमर्थन मुझे मिल रहा है, वो मेरा मनोबल बढ़ाता है।

पुराने गिले-शिकवे दूर करने में लगे हैं चिराग
बता दें कि इन दिन, चिराग पासवान ने अपने पिता जयंती यानि 5 जुलाई से हाजीपुर से इस यात्रा शुरूआत की हुई है। इस दौरान वह समस्तीपुर और बेगूसराय होते हुए शुक्रवार को खगड़िया पहुंचे हुए हैं। वह बिहार की जनता के साथ-साथ अपने परिवार और रिश्तेदारों से मुलाकात कर उनसे सारे पुराने गिले-शिकवे करने में लगे हुए हैं।

चाचा को मंत्री बनाए जाने पर केंद्र सरकार को दी थी चेतावनी 
पशुपति पारस के मंत्री बनने की अटकलों के बीच चिराग ने केंद्र सरकार और नीतीश सरकार के खिलाफ कड़ रुख अपनाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर पशुपति को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया तो वह कानून लड़ाई लगेंगे और कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा था कि एलजेपी ने पशुपति को पार्टी से निकाल दिया है और पार्टी से निकाले हुए सांसद को मंत्री नहीं बनाया जा सकता है। मैं एलजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं औरे मेरी बिना अऩुमति और पार्टी के सममति के बिना कैसे, पार्टी के कोटे से किसी भी सांसद को मंत्री बनाया जा सकता है।