बिहार महिला आयोग के पास एक ऐसा वीडियो पहुंचा है, जिसमे एसडीएम की बुजुर्ग पत्नी का चार महीनों का दर्द झलक रहा है। जिसकी वजह है उनके बैंक मैनेजर बेटा-बहू।

पटना. आपने कभी-कभी लोगों के मुंह से सुना होगा 'भगवान ऐसी औलाद से अच्छा है बेऔलाद रखे' यह कहावत बिल्कुल सही है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला पटना में देखने को मिला है जो बेटे-बहू के नाम पर कलंक हैं।
बिहार महिला आयोग के पास एक ऐसा वीडियो पहुंचा है, जिसमे एक बुजुर्ग महिला का चार महीनों का दर्द झलक रहा है। जिसकी वजह हैं उनके बेटा-बहू।

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पिटाई के साथ देते हैं गलियां
दरअसल यह मामला है पूर्व एडीएम पारस कुमार सिंह की पत्नी वीणा देवी का। वो अपने बेटा-बहू की बदौलत पिछले चार महीने अपने ही घर में कैद थीं। बैंक में मैनेजर के पद पर नौकरी करने वाले बेटा और बहू ने बुर्जुग मां को पिछले चार महीने से एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। उनके साथ दोनों आए-दिन मारपीट करते और अभद्र भाषा का उपयोग भी करते थे। वीडियो मिलते ही महिला आयोग की टीम उनके घर पर पहुंची और उनको बाहर निकाला।

महिल रोते हुए बोली-आप मुझे अकेला न छोड़े
महिला आयोग की टीम पहुंचते ही महिला उनसे लिपटकर रोने लगी और अपना दर्द बताने लगी। महिला के मुताबिक, उनके बेटे-बहू ने उन्हें संपति की वजह से बंधक बना रखा है। वह मुझे किसी से नहीं मिलने देते हैं और न ही फोन पर बात करने देते हैं। टीम जब वापस जाने लगी तो महिला ने रोते हुए कहा-मेडम आप मुझे इस तरह अकेला न छोड़े नहीं तो ये लोग फिर से मुझे कैद कर देंगे। मैंने चार महीने बाद सूरज को देखा है। आयोग की टीम ने महिला को उसकी बेटी के पास ससुराल में भेज दिया है। अफसर ने कहा कि संपत्ति से जुड़ा मामला सामने आया है, हमने जांच शुरु कर दी है।