लॉकडाउन के कारण निम्न आय वर्ग के लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। राशन के साथ-साथ घर में बीमार पड़े लोगों के इलाज के लिए दवा व अन्य जरूरी सामानों का बंदोबस्त नहीं हो पा रहा है। ऐसे में परिवार के बच्चे जाने-अनजाने अपराध की दुनिया में दाखिल हो रहे हैं।  

बिहारशरीफ। लॉकडाउन के रोज कमाने खाने वाले परिवारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। ऐसी स्थिति में कई लोग राशन और रुपए के लिए आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त हो रहे हैं। इसका एक ताजा उदाहरण बिहारशरीफ से सामने आया है। जहां शराब तस्करी के आरोप में पकड़े गए एक नाबालिग ने कोर्ट रूम में जज से सामने ऐसी कहानी सुनाई कि सबका कलेजा पसीज गया। नाबालिग की कहानी को जानने के बाद जज ने उसे तुरंत जमानत दे दी। साथ ही पुलिस को आदेश दिया कि उक्त बच्चे के घर राशन व अन्य जरूरी सामानों की व्यवस्था कराए।

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घर में राशन नहीं, पिता बीमार, इलाज को पैसा नहीं
जानकारी के अनुसार बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग को पांच लीटर शराब के साथ पकड़ा गया था। पकड़े जाने के बाद उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया था। जहां जज के सामने उसने अपने अपराध की वजह बताई। बच्चे ने बताया कि उसके पिता कुछ दिनों पहले ताड़ के पेड़ से गिर कर घायल हो गए थे। लॉकडाउन के कारण मां को कहीं कोई काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में घर में राशन के साथ-साथ पिता के इलाज के लिए रुपए की जरूरत थी। कहीं से कोई उपाय नहीं होता देख उसने किसी अन्य के कहने पर यह काम किया। जज के सामने पूरी इमानदारी से कहे बच्चे की कहानी को जानने के बाद जज का कलेजा पसीज गया।

जज ने राशन की व्यवस्था करवाने का दिया आदेश
बच्चे की कहानी को जानने के बाद जज ने कोर्ट रूम में मौजूद पुलिसवालों को उसके घर में राशन की व्यवस्था करने का आदेश दिया। साथ ही बच्चे को शराब तस्करी के धंधे में उतारने वाले शख्स की पहचान कर उसपर मुकदमा चलाने का आदेश दिया। जज के आदेशानुसार पुलिस के जवान स्वयं उस बच्चे को लेकर उसके घर पहुंचे और उसके परिवार को राशन का सामान मुहैया कराया। 

कुछ दिनों पहले ऐसा ही एक और मामला सामने आया था। जब मां की इलाज के लिए एक बच्चे ने चोरी की थी।