बिहार के मुंगेर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां पारिवारिक विवाद में पुलिस पर घर में घुससकर महिलाओं की पिटाई का आरोप लगा है।   

मुंगेर। पुलिस का काम आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने के साथ-साथ समाज में विधि-व्यवस्था को स्थापित करना है। लेकिन कई बार पुलिस अपने काम के उलट अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगती है। बिहार के मुंगेर जिले में एक पारिवारिक विवाद को शांत कराने पहुंची पुलिस पर घर में घुसकर महिलाओं की पिटाई का आरोप लगा है। पुलिस की पिटाई से दो महिलाएं बुरी तरह से जख्मी हो गई हैं। एक महिला की पैर में फ्रैक्चर है। बताया जाता है कि देवर-भाभी में हुए झगड़े में देवर ने पुलिस को बुलाया था। 

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विवाद को शांत कराने आई थी पुलिस
मामला मुंगेर के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के रायकड़ गांव का है। जहां के निवासी दिलीप दास की पत्नी और उसकी गोतनी की पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी। जानकारी के अनुसार दिलीप दास छह भाई है। अभी इन सभी भाइयों के बीच पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ है। इस बीच दिलीप का छोटा भाई कपिलदेव जबरन आंगन में हैंडपंप लगवा रहा था। उसकी भाभी विरोध कर रही थीं। इसी बीच कपिलदेव ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंचे जवानों में घर में घुसकर महिलाओं को पीटा। 

एसपी से लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता ने बताया कि कपिलदेव के बुलावे पर आई पुलिस जबरन घर में घुसी और मुझे, मेरी गोतनी सोनम देवी को लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया। घायल महिला ने घटना में शामिल पुलिस टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पुलिस के जवान मारपीट कर जाने लगे तो जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि अगर चापाकल नहीं गाड़ने दिया तो तुम्हारे पति को रेप केस में फंसा कर जेल भेज देंगे। पुलिस की पिटाई से उक्त दोनों महिलाओं के शरीर पर जख्म का निशान भी है। घायल महिला ने मुंगेर एसपी लिपि सिंह को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।