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देश के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल का गोवा में आगाज, अमिताभ बच्चन और रजनीकांत हुए सम्मानित

भारत के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल IFFI का आगाज गोवा में हो चुका है। 50 वें IFFI महोत्सव के पहले दिन महनायक अमिताभ बच्चन, सुपरस्टार रजनीकांत और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर मौजूद रहे।

Amitabh Bachchan and Rajinikanth honored in the country's biggest film festival (IFFI) in Goa
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Panaji, First Published Nov 20, 2019, 10:21 PM IST
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पणजी. भारत के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल IFFI का आगाज गोवा में हो चुका है। 50 वें IFFI महोत्सव के पहले दिन महनायक अमिताभ बच्चन, सुपरस्टार रजनीकांत और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर मौजूद रहे। 9 दिनों तक चलने वाले इस फिल्म फेस्टिवल में 76 देशों की 200 से ज्यादा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें भारत की 26 फीचर फिल्में और 15 नॉन फीचर फिल्में भी शामिल हैं। जाने माने डॉयरेक्टर करण जौहर ने इस कार्यक्रम को होस्ट किया। 

अभिनेता अमिताभ बच्चन ने बुधवार को 50वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्धाटन के मौके पर अपने लंबे और उतार-चढ़ाव भरे जीवन तथा करियर में साथ निभाने के लिये प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। फिल्म महोत्सव के गोल्डन जुबली संस्करण में मुख्य अतिथि अमिताभ (77) जैसे ही मंच पर पहुंचे, उनके प्रंशसकों ने जोशीले अंदाज में उनका स्वागत किया। उन्होंने 'कौन बनेगा करोड़पति' के अपने मशहूर वाक्य "देवियों और सज्जनों' के साथ अपना संबोधन शुरू किया।

बॉलीवुड में 50 साल पूरे कर चुके अमिताभ ने भावुक अंदाज में कहा, "मेरी जनता, मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं। आपने जीवन के हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया। मैं हमेशा यह कहता हूं कि मैं आप लोगों का एहसानमंद हूं। मैं आपका यह एहसान कभी नहीं चुका सकता और मैं ऐसा करना भी नहीं चाहता। मैं आपके इस प्रेम को अपने साथ रखना चाहता हूं।" उन्होंने अपने माता-पिता और फिल्मी सफर में योगदान देने वाले लोगों को याद किया।

रजनीकांत को मिला ‘आइकन ऑफ गोल्डन जुबली’ अवॉर्ड
सुपरस्टार रजनीकांत को 50वें अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के उद्घाटन समारोह में ‘आइकन ऑफ गोल्डन जुबली’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महानायक अमिताभ बच्चन ने रजनीकांत को ‘आइकन ऑफ गोल्डन जुबली’ पुरस्कार प्रदान किया। रजनीकांत ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘ मैं यह विशेष प्रतिष्ठित ‘आइकन ऑफ गोल्डन जुबली’ पुरस्कार पाकर काफी खुश हूं। मैं भारत सरकार का मुझे इससे सम्मानित करने के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मैं यह पुरस्कार अपने सभी निर्देशकों, निर्माताओं और मेरी फिल्मों में काम करने वाले सभी तकनीशियनों के नाम करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ और सबसे ज्यादा अपने सारे प्रशंसकों, उन सभी तमिल लोगों का जिन्होंने मेरा साथ दिया। शुक्रिया, जय हिंद।’’ थलाइवा के नाम से मशहूर तमिल सुपरस्टार ने 150 से अधिक फिल्मों में काम किया है।उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन को हमेशा प्रेरित करने के लिए शुक्रिया अदा किया।

प्रकाश जावड़ेकर के खिलाफ हुई नारोबाजी 
50वें अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री जावडेकर ने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए भारत सरकार द्वारा पेश की जा रही ‘एकमुश्त मंजूरी’ की व्यवस्था से दुनियाभर से फिल्मकारों को भारत में अपनी फिल्मों की शूटिंग करने का प्रोत्साहन मिलेगा।जावडेकर के मंच पर आने और अपना भाषण शुरू करते ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम की बालकनी में बैठे कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ये लोग महादयी नदी पर एक परियोजना निर्माण के लिए कर्नाटक सरकार को पर्यावरण मंजूरी हासिल करने से ‘छूट’ देने के लिए केंद्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे। गोवा और पड़ोसी राज्य कर्नाटक महादयी नदी के जल बंटवारे को लेकर एक दूसरे से उलझे हुए हैं । दोनों ही प्रदेश सरकारों ने इस मुद्दे को लेकर उच्चतम न्यायालय के समक्ष विशेष अनुमति याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं ।

नारेबाजी कर रहे लोगों का दावा था कि पर्यावरण मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे जावडेकर ने कर्नाटक को पर्यावरण मंजूरी से दी गयी छूट को वापस लेने पर कोई आश्वासन नहीं दिया। अधिकारियों ने तुरंत इन लोगों को स्टेडियम से बाहर कर दिया। केंद्रीय मंत्री ने अपना भाषण जारी रखा और भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन तथा रजनीकांत के साथ ही इफ्फी के उद्घाटन समारोह में अन्य फिल्मी हस्तियों तथा खास मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा , ‘‘ भारत की उदार शक्ति फिल्में, आईटी, संगीत आदि हैं ।लोगों के दिलो दिमाग पर सिनेमा की महत्वपूर्ण छाप रहती है। यह लोगों के विचारों को बदल सकता है।’’

जावडेकर ने कहा,‘‘ मैं जहां भी जाता हूं, पाता हूं कि लोग भारतीय फिल्मों के दीवाने हैं और अगर आप चीन जैसे देशों में जाएं तो ...वहां फिल्मों ने भाषायी सीमाओं को समाप्त कर दिया है। यह एक कला है और लोगों के दिलों को छूती है। और यही कारण है कि सिनेमा भारत की उदार शक्ति है । हमें इसे और मजबूत करना है।’’ उन्होंने साथ ही कहा कि इफ्फी जैसे समारोह भारत की उदार शक्ति को और मजबूत करते हैं।
 

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