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3 घंटे चली किरण खेर की बोन सर्जरी, 7 महीने से ब्लड कैंसर से लड़ रही हैं अनुपम खेर की पत्नी

अनुपम खेर (Anupam Kher) की पत्नी और एक्ट्रेस किरण खेर (Kirron Kher) की बोन सर्जरी गुरुवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्जरी सुबह करीब 7:30 बजे शुरू हुई और करीब 3 घंटे तक चली। इस सर्जरी में बोन मेरो से कैंसर से जुड़ी बोन निकालने की कोशिश की गई। इस दौरान हॉस्पिटल में अनुपम खेर खुद मौजूद रहे।

Anupam Kher Wife Kirron Kher Surgery Done At Kokilaben Hospital kpg
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Mumbai, First Published May 27, 2021, 2:07 PM IST
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मुंबई। अनुपम खेर (Anupam Kher) की पत्नी और एक्ट्रेस किरण खेर (Kirron Kher) की बोन सर्जरी गुरुवार को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्जरी सुबह करीब 7:30 बजे शुरू हुई और करीब 3 घंटे तक चली। इस सर्जरी में बोन मेरो से कैंसर से जुड़ी बोन निकालने की कोशिश की गई। इस दौरान हॉस्पिटल में अनुपम खेर खुद मौजूद रहे। बता दें कि 68 साल की किरण खेर पिछले 7 महीने से मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर) से जूझ रही हैं। उन्हें कैंसर होने की बात 1 अप्रैल को मीडिया के सामने आई थी। हालांकि कैंसर उन्हें नवंबर में ही डिटेक्ट हो गया था।  दरअसल, 11 नवंबर 2019 को किरण खेर चंडीगढ़ स्थित अपने घर में गिर गई थीं, जिससे उनके बाएं हाथ में चोट आई थी। इसके बाद जांच कराने पर पता चला कि उन्हें मल्टीपल मायलोमा है। तब से लगातार कोकिलाबेन हॉस्पिटल में ही उनका इलाज चल रहा है।

 

अनुपम खेर ने अप्रैल में दी थी जानकारी : 
अनुपम खेर ने अप्रैल में एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा था- किरण खेर को एक तरह का ब्लड कैंसर मल्टीपल मायलोमा डिटेक्ट हुआ है। फिलहाल उनका ट्रीटमेंट चल रहा है और हमें भरोसा है कि वो पहले से ज्यादा मजबूती के साथ इससे उबर कर बाहर आएंगी। अनुपम खेर ने पत्नी किरण के लिए दुआ कर रहे फैन्स का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा था कि वे रिकवर हो रही हैं। कुछ दिनों पहले अनुपम खेर ने किरण की हेल्थ अपडेट दी थी। उन्होंने कहा था, "कोई-कोई दिन ऐसे होते हैं, जब वे एकदम पॉजिटिव होती हैं और फिर कुछ ऐसे होते हैं, जब कीमोथेरेपी उनकी मानसिक स्थिति को कई तरह से प्रभावित कर देती है। 

 

ब्लड कैंसर क्यों होता है?
ब्लड कैंसर होने की कोई उम्र निर्धारित नहीं है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। ब्लड कैंसर होने पर कैंसर की कोशिकाएं यानि सेल्स व्यक्ति के शरीर में खून को बनने नहीं देतीं। इससे व्यक्ति में खून की कमी होने लगती है। शरीर के खून के साथ कैंसर व्यक्ति की बोन मैरो को भी नुकसान पहुंचाता है।

ब्लड कैंसर का इलाज :
कैंसर किसी भी प्रकार का हो, उसमें स्टेज जरूर होती है। जैसे पहली, दूसरी, तीसरी या एडवांस स्टेज। ब्लड कैंसर और दूसरे बाकी कैंसर में यहां अंतर है। डॉक्टर के लिए यह जानना अहम चुनौती होती है कि रोगी में ब्लड कैंसर कैसे हुआ? हालांकि अब ऐसी दवाइयां आ गई हैं, जिससे इसकी शुरुआत की पहचान हो सकती है। यह पता लगाया जा सकता है कि कैंसर किस कोशिका से पनपा और कीमोथेरेपी के माध्यम से उस कोशिका को ही खत्म कर दिया जाता है।
 

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