करीना ने बताया कि फिल्म जगत में आप सिर्फ नेपोटिज्म के भरोसे नहीं टिक सकते। 21 साल तक फिल्म इंडस्ट्री में मैं सिर्फ नेपोटिज्म के चलते नहीं टिक पाती। यह संभव नहीं है। मैं उन सुपरस्टार्स के बच्चों की एक लंबी लिस्ट बना सकती हूं जो ये नहीं कर पाए। करीना ने कहा कि एक डॉक्टर का बच्चा जाहिर तौर पर अपने पेरेंट्स की तरह ही बनना चाहेगा। अपने बैकग्राउंड को लेकर करीना ने कहा- यह अजीब लग सकता है लेकिन शायद मैंने भी वही स्ट्रगल किया है।

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले के बाद इंडस्ट्री में नेपोटिज्म के मुद्दे ने खूब जोर पकड़ा। कई सेलेब्स पर सुशांत के फैन्स और सेलिब्रिटीज ने निशाना बनाया। नेपोटिज्म की इस डिबेट में अब करीना कपूर ने भी चुप्पी तोड़ी है। खुद को नेपोटिस्टिक स्टार का तमगा मिलने पर करीना ने पहली बार इस बारे में बात की है। उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने अनुभवों और फिल्मी सफर के बारे में बात की और ये भी बताया कि फिल्मी घराने से संबंध रखना आपकी मुश्किलों को कितना कम कर देता है।

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नेपोटिज्म के भरोसे नहीं टिक सकते इंडस्ट्री में
करीना ने बताया कि फिल्म जगत में आप सिर्फ नेपोटिज्म के भरोसे नहीं टिक सकते। 21 साल तक फिल्म इंडस्ट्री में मैं सिर्फ नेपोटिज्म के चलते नहीं टिक पाती। यह संभव नहीं है। मैं उन सुपरस्टार्स के बच्चों की एक लंबी लिस्ट बना सकती हूं जो ये नहीं कर पाए। करीना ने कहा कि एक डॉक्टर का बच्चा जाहिर तौर पर अपने पेरेंट्स की तरह ही बनना चाहेगा। 


दर्शकों ने हमें बनाया है
उन्होंने कहा कि दर्शकों ने हमें बनाया है, किसी और ने नहीं बनाया है। आज उंगलियां उठाने वाले वो ही लोग हैं, जिन्होंने नेपोटिस्टिक स्टार्स को बनाया है। मुझे लगता है कि यह बहस पूरी तरह से अजीब है। आज हमारे कई बड़े स्टार्स हैं, चाहे वो अक्षय कुमार हों या शाहरुख खान या आयुष्मान खुराना या राजकुमार राव, वो सभी बाहरी हैं। आप हमें देख रहे हैं और हमारी फिल्मों का आनंद ले रहे हैं। इसलिए, सिर्फ दर्शक ही हैं जो हमें बनाते हैं।