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महाराष्ट्र भूषण अवॉर्ड से सम्मानित होगीं Asha Bhosle, बड़ी बहन लता मंगेशकर ने इस अंदाज में दी बधाई

जानीमानी सिंगर आशा भोसले (Asha Bhosle) को महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020 देने की घोषणा हुई है। सीएम उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र भूषण अवार्ड की चयन समिति की बैठक के बाद इस बारे में घोषणा की गई। आशा ने महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020 मिलने पर महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया है। बता दें कि 87 साल की आशा 10 साल की उम्र से गा रही हैं। उन्होंने अभी तक 20 भाषाओं में 16 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। सर्वाधिक स्‍टूडियो रिकॉर्डिंग के लिए उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है।

legendary playback singer asha bhosle will be awarded by maharashtra bhushan award KPJ
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Mumbai, First Published Mar 26, 2021, 11:15 AM IST
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मुंबई. जानीमानी सिंगर आशा भोसले (Asha Bhosle) को महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020 देने की घोषणा हुई है। सीएम उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र भूषण अवार्ड की चयन समिति की बैठक के बाद इस बारे में घोषणा की गई। आशा ने महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2020 मिलने पर महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया है। इसके साथ ही आशा भोसले ने पुरस्कार मिलने पर प्रतिक्रिया दी है और खुशी जताते हुए केक काटा है। आशा की बड़ी बहन और सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने इस अवसर पर खुशी जताई है। लता ने ट्वीट करते हुए लिखा- नमस्कार, मेरी बहन आशा भोसले को 2020 का सम्माननीय 'महाराष्ट्र भूषण' पुरस्कार मिलने का ऐलान हुआ है। इसके लिए मैं आशा को दिल से बधाई देती हूं और उसे आशीर्वाद देती हूं।


87 साल की आशा 10 साल की उम्र से गा रही हैं। उन्होंने अभी तक 20 भाषाओं में 16 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। सर्वाधिक स्‍टूडियो रिकॉर्डिंग के लिए उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। आशा उन सिंगर्स में से हैं जिनकी आवाज का जादू फैंस के सिर चढ़कर बोलता है। वे पहली ऐसी भारतीय सिंगर हैं जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 1997 में आशा को पहली बार नॉमिनेट किया गया। 2005 में एक बार फिर उन्हें ग्रैमी में नॉमिनेशन मिला। एक दौर था जब हर दूसरी फ‍िल्‍म में उनका गाना शामिल होता था। 


हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषा के भी कई गाने गाए हैं। उन्होंने अपना पहला गाना 1948 में सावन आया फिल्म चुनरिया में गाया था। उनको संगीत में योगदान के लिए दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है। 1981 में फ‍िल्‍म उमराव जान के गाने दिल चीज क्या है.. और 1986 में इजाजत फ‍िल्‍म के गाने मेरा कुछ सामान.. के लिए यह पुरस्‍कार मिले थे। 2000 में वह दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित की गई और 2005 में उन्‍हें पद्मविभूषण प्रदान किया गया। वहीं, उनको 7 बार फ‍िल्‍मफेयर पुरस्‍कार प्रदान किया गया। 
 

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