वेब सीरीज के मेकर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को भेजे नोटी में उन्होंने कहा कि सीरीज में बिना उनकी परमिशन के नॉवेल को दिखाया गया है। कुलभूषण जो कुछ भी पढ़ रहे हैं वैसी लाइनें लिखने की वे कल्पना भी नहीं कर सकते। इससे उनकी लेखन फील्ड में बनी साख खराब हुई है। सुरेन्द्र मोहन के भेजे गए नोटिस के अनुसार मेकर्स एक्सेल एंटरटेनमेंट, अमेजन प्राइम को इस सीन को एडिट करने की मांग की गई है। अगर प्रोडक्शन ऐसा नहीं करता है सुरेन्द्र ने कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी है।

मुंबई. पॉपुलर वेब सीरीज मिर्जापुर 2 (mirzapur 2) कानूनी पचड़े में पड़ती नजर आ रही है। लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक (surendra mohan pathak) ने उनके नॉवेल धब्बा का वेब सीरिज में गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह बात एक सीन के बारे में कही जहां कुलभूषण खरबंदा उनका नॉवेल को पढ़ रहे हैं। कुलभूषण का किरदार वेब शो में नॉवेल पढ़ते हुए बलदेव राज नाम के आदमी का जिक्र करता है। सुरेंद्र के अनुसार उनके नॉवेल में ऐसा कोई किरदार ही नहीं है। इतना ही नहीं कुलभूषण को डायलॉग्स को नॉवेल से पढ़ते हुए दिखाया गया है जबकि नॉवेल में वे लाइनें कहीं नहीं हैं। इसी पर आपत्ति जताते हुए पाठक ने अमेजन प्राइम और मेकर्स को नोटिस भेजा है।

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वेब सीरीज के मेकर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को भेजे नोटी में उन्होंने कहा कि सीरीज में बिना उनकी परमिशन के नॉवेल को दिखाया गया है। कुलभूषण जो कुछ भी पढ़ रहे हैं वैसी लाइनें लिखने की वे कल्पना भी नहीं कर सकते। इससे उनकी लेखन फील्ड में बनी साख खराब हुई है। ये पूरा मामला वरिष्ठ समीक्षक और उपन्यास के पाठक के एक पोस्ट से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र मोहन पाठक के उपन्यास को पढ़ रहे कुलभूषण खरबंदा का किरदार जो कुछ किताब में पढ़ रहा है वैसा उपन्यास में नहीं लिखा है। उन्होंने अपने इस पोस्ट में लिखा कि सीरीज निर्माताओं ने इसमें काफी अश्लील लाइन्स डाली हैं।