Adani Stocks Crash: SEBI सेटलमेंट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज गिरावट आई है। अडानी पावर और एंटरप्राइजेज लाल निशान में फिसले। सिर्फ अडानी पोर्ट्स ही बच पाया।
Adani Stocks Falling: मंगलवार, 29 सितंबर को शेयर बाजार खुलते ही अडानी ग्रुप की कंपनियों में अचानक हलचल तेज हो गई। ग्रुप के ज्यादातर शेयर लाल निशान में फिसलते दिखे, जबकि सिर्फ अडानी पोर्ट्स अकेला ऐसा शेयर रहा जो गिरावट के इस दबाव को झेल गया। इस सुस्ती की मुख्य वजह मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और अडानी ग्रुप के बीच हुआ एक नया सेटलमेंट है। पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों से जुड़े एक पुराने मामले को करीब ₹1.48 करोड़ देकर निपटाया गया है। मामला सुलझने के बावजूद बाजार में ट्रेडर्स मुनाफावसूली और सतर्कता के मूड में दिखे, जिसके चलते ग्रुप स्टॉक्स पर दबाव बना।
अडानी के किन स्टॉक्स में आज सबसे ज्यादा सुस्ती दिखी?
Adani Power Share: आज सबसे ज्यादा दबाव इसी शेयर पर दिखा। स्टॉक करीब 1.3% गिरकर ₹193.75 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
Adani Total Gas Share: गैस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी इस कंपनी के शेयर में 1.1% की कमजोरी दर्ज की गई और भाव फिसलकर ₹588.00 पर आ गया।
Adani Green Energy Share: रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस का यह स्टॉक 1.1% टूटकर ₹1,224.00 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
Adani Enterprises Share: ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी भी बिकवाली से नहीं बच सकी और शेयर 0.8% की गिरावट के साथ ₹2,803.55 पर फिसल गया।
Adani Ports Share: पूरे ग्रुप में सिर्फ यही एक शेयर रहा, जिसने मजबूती दिखाई और लाल निशान से बाहर रहकर ट्रेड किया।
अडानी ग्रुप और सेबी के बीच हुआ सेटलमेंट क्या है?
ये पूरा विवाद साल 2020 की कुछ शिकायतों से शुरू हुआ था। आरोप था कि ग्रुप की चार कंपनियों—अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, एपीसेज और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (पुराना नाम अडानी ट्रांसमिशन) ने मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया। सेबी ने लंबी जांच के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अब गौतम अडानी, संबंधित कंपनियों और डायरेक्टर्स ने बिना किसी आरोप को कबूल किए या नकारे, कानूनी सेटलमेंट मैकेनिज्म के तहत ₹1.48 करोड़ का भुगतान कर इस पूरे विवाद को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा दो अन्य व्यक्तियों पर भी ₹20-20 लाख का जुर्माना लगाया गया है। हाल ही में ग्रुप ने रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन से जुड़े एक अन्य मामले को भी सेबी के साथ ₹1.51 करोड़ देकर सुलझाया था।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है। इसे किसी भी तरह की शेयर खरीद-बिक्री या निवेश की सलाह (Investment Advice) न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर (SEBI रजिस्टर्ड एक्सपर्ट) से सलाह जरूर लें।


