जेఫਰੀਜ਼ की रिपोर्ट में 'AI थकान' का जिक्र है, जिसके चलते निवेशक भारत-चीन जैसे सस्ते बाजारों पर नजर गड़ाए हैं। अमेरिकी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे AI निवेश चक्र के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगे, जिससे AI से कमाई की क्षमता का पता चलेगा।

प्रमुख अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्वेस्टमेंट साइकिल के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगे। जेఫਰੀਜ਼ की एक रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक इस बात पर भी बहस कर रहे हैं कि क्या बाजार में "AI थकान" दिख रही है और क्या वे भारत और चीन जैसे सस्ते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।

"AI फटीग एंड रोटेशन" शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है, "नई तिमाही की शुरुआत 'AI थकान' की चर्चा के साथ हुई है, क्योंकि निवेशक इस तेजी के खत्म होने और सस्ते 'वैल्यू' शेयरों में रोटेशन की तलाश में हैं जो AI ट्रेड का हिस्सा नहीं रहे हैं।" इसमें यह भी कहा गया कि एशिया में Tencent इस ट्रेंड का एक उदाहरण है।

जेఫਰੀਜ਼ ने कहा कि AI-संबंधित शेयरों में हालिया गिरावट AI निवेश चक्र के अंत का संकेत नहीं है। रिपोर्ट में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सप्लाई करने वाली कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा गया, "इस तरह के सुधार स्वाभाविक और स्वस्थ दोनों हैं। लेकिन जब तक AI पर भारी खर्च की दौड़ जारी रहेगी, तब तक इसका फायदा 'पिक्स एंड शॉवल्स' ट्रेड यानी इंफ्रास्ट्रक्चर देने वाली कंपनियों को मिलता रहेगा।"

इन 4 बड़ी कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर

रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशक अब चार प्रमुख अमेरिकी हाइपरस्केलर्स - अल्फाबेट, अमेजन, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट - के तिमाही नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि AI पर खर्च सही रास्ते पर है और क्या इन निवेशों से रिटर्न मिलना शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया, "यही कारण है कि 22 जुलाई से शुरू होने वाली हाइपरस्केलर्स की अगली तिमाही नतीजों की घोषणाएं सामान्य रूप से AI की कहानी के लिए अगला स्ट्रेस टेस्ट साबित होंगी।"

AI से कमाई को लेकर बढ़ी चिंता

जेఫਰੀਜ਼ के अनुसार, अब मुख्य चिंता AI निवेश के पैमाने से हटकर इस बात पर आ गई है कि क्या हाइपरस्केलर्स इनसे कमाई कर पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिटर्न पर अनिश्चितता निवेशकों की भावना को प्रभावित कर रही है, साथ ही बाजार इस बात पर भी बहस कर रहा है कि क्या मेमोरी चिप शेयरों में हालिया गिरावट एक बड़े रोटेशन का संकेत है या हाइपरस्केलर्स द्वारा AI पूंजीगत व्यय में संभावित कटौती का।

भारत-चीन जैसे बाजारों को हो सकता है फायदा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हाल के महीनों में बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने व्यापक बाजार की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है, जबकि AI से कमाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। जेఫਰੀਜ਼ ने कहा कि महंगे AI-लिंक्ड शेयरों से दूर हटने का फायदा AI ट्रेड से बाहर के बाजारों, जिसमें चीन और भारत भी शामिल हैं, को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक वैल्यू के अवसर तलाश रहे हैं। (ANI)

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