मुंबई: सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया को घरेलू उड़ानें निलंबित रहने की अवधि में प्रतिदिन 30-35 करोड रुपये के नुकसान की आशंका है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देश्भर में 31 मार्च तक घरेलू उड़ानें प्रतिबंधित कर दी गयी हैं।

सूत्रों ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सरकार के आदेशों का पालन करते हुए अन्य विमानन कंपनियों की तरह हम भी किसी वाणिज्यिक उड़ान का परिचालन नहीं कर रहे हैं। फिर भी हमारा इससे होने वाला दैनिक नुकसान 30 से 35 करोड़ रुपये के दायरे में रहने का अनुमान है।’’

हवाईअड्डा शुल्क जैसी लागत का बोझ घटा

उन्होंने कहा, ‘‘उड़ानों के निलंबन से हमारी ईंधन, ग्राउंड हैंडलिंग, हवाईअड्डा शुल्क जैसी लागत का बोझ घटा है। लेकिन हमें अभी भी वेतन-भत्तों, किरायों, न्यूनतम रखरखाव और ब्याज जैसे भुगतान करने हैं।’’ एअर इंडिया की दैनिक आय 60 से 65 करोड़ रुपये है। इसमें 90 प्रतिशत हिस्सेदारी यात्रियों से होने वाली आय से है।

वेतन का भी बोझ

वेतन के तौर पर एअर इंडिया को हर माह करीब 250 करोड़ रुपये का भुगतान करना होता है जबकि विमानों के किराये पर कंपनी प्रतिमाह करीब तीन करोड़ डॉलर का भुगतान करती है। इसके अलावा ब्याज इत्यादि के भुगतान पर कंपनी को प्रत्येक महीने 225 करोड़ रुपये का भुगतान करना होता है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)