आम तौर पर माना जाता है कि बड़े उद्योगपति और बिजनेसमैन छोटे उद्योगतियों को आगे बढ़ने नहीं देते। लेकिन ई-कॉर्मस कंपनी अली बाबा के फाउंडर और चेयरमैन जैक मा पर यह बात लागू नहीं होती। 

नई दिल्ली। ऐसा कहा जाता है कि कोई भी बड़ा उद्योगपति छोटे उद्योगपतियों और व्यवसायियों को आगे नहीं बढ़ने देता। उसके साथ प्रतिस्पर्धा में छोटे उद्योगपति लगातार पिछड़ते चले जाते हैं और उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर ई-कॉर्मर्स कंपनी अली बाबा के फाउंडर और चेयरमैन जैक मा की बात करें तो उनका रवैया बिल्कुल अलग है। वे छोटे उद्योगपतियों और व्यवसायियों की मदद करते हैं, ताकि वे आगे बढ़ सकें। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने इसके लिए चार साल पहले माईबैंक की शुरुआत की थी, जिसका मकसद छोटे व्यवसायियों को कर्ज मुहैया कराना था। अभी तक जैक मा के इस बैंक से चीन की करीब 1.6 करोड़ छोटी कंपनियों को लगभग 2,000 अरब रुपए का कर्ज दिया जा चुका है। 

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कैसे मिलता है कर्ज
जैक मा के इस बैंक से कर्ज लेने की प्रॉसेस बहुत ही आसान है। यहां कर्ज के लिए आवेदन करने पर सिर्फ 3 मिनट के अंदर ही लोन स्वीकृत हो जाता है, यदि बैंक के तय मानकों को पूरा किया गया हो। इस बैंक की डिफॉल्ट रेट भी बहुत कम है। यानी बैंक से दिया गया लोन डूबता नहीं। 

जैक मा के नेटवर्थ में इजाफा
यद्यपि इस वित्त वर्ष में चीन में आर्थिक विकास की दर सबसे कम बतायी जा रही है, पर जैक मा पर इसका कोई असर नहीं दिखता। 2018 के मुकाबले जैक मा के नेट वर्थ यानी कुल संपत्ति में बढ़ोत्तरी ही हुई है और यह 2.70 लाख करोड़ रुपए से बढ़ कर 2.76 लाख रुपए हो गई है। दरअसल, अभी चान और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर चल रहा है, जिसके चलते चीन की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है।