नई दिल्ली. प्रतिस्पर्धा नियामक सीसीआई ने बिक्री मूल्य में भारी छूट और पसंदीदा विक्रेताओं के साथ गठजोड़ समेत अन्य गड़बड़ी के आरोप में फ्लिपकार्ट और अमेजन के खिलाफ सोमवार को जांच का आदेश दिया। यह मामला प्रतिस्पर्धा कानून के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। दिल्ली व्यापार महासंघ की ओर से की गई शिकायत के बाद जांच का आदेश दिया गया है। महासंघ के कई सदस्य स्मार्टफोन और उससे जुड़ी चीजों का कारोबार करते हैं।

उद्योग संघ ने आरोप लगाया कि ई-कॉमर्स कंपनियां विशेष गठजोड़, सूचीबद्ध करने में चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीही देना समेत अन्य प्रतिस्पर्धी रोधी गतिविधियों में शामिल हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने एक आदेश में कहा, "मोबाइल फोन ब्रांड और ई-कॉमर्स मंचों के बीच विशेष व्यवस्था के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियों के कुछ चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीही देने के आरोपों के आधार पर जांच का यह आदेश दिया गया है।’

जांच में शामिल होंगे ये पहलू 
आयोग ने कहा कि यह जांच करने की जरूरत है कि फ्लिपकार्ट और अमेजन की ओर से दी जा रही कथित भारी छूट दिया जाना , कुछ विक्रेताओं को (ई-मार्केट) प्लेटफार्म पर जोड़ने में तरजीह देना और उनके साथ विशेष समझौते का उपयोग क्या प्रतिस्पर्धा को रोकने की चाल है और क्या इसका प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इस हफ्ते भारत आ सकते हैं जेफ बेजोस 
अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "हम अमेजन पर लगाए गए आरोपों को दूर करने के इस अवसर का स्वागत करते हैं। हम अपने अनुपालन पर भरोसा करते हैं और हम आयोग के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उल्लेखनीय है कि अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के इस हफ्ते भारत आने की उम्मीद है। वहीं, फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सीसीआई के आदेश की समीक्षा कर रही है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)