सरकार ने रेस्टोरेंट और होटल में लगनेवाले सर्विस चार्ज को खत्म कर दिया है। अब आपके बिल में सर्विस चार्ज जुट कर नहीं आएगा। 

बिजनेस डेस्कः केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने एक राहत भरी घोषणा की है। रेस्टोरेंट और होटलों में लगनेवाले सर्विस चार्ज को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब आपके बिल में सर्विस चार्ज जुट कर नहीं आएगा। सोमवार को सीसीपीए ने इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया है। जानकारी दें कि सर्विस चार्ज (Service Charge) को लेकर कई हफ्तों से चल रही बहस ने एक अहम मोड़ ले लिया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी सीसीपीए ने सर्विस चार्ज को लेकर नए नियम (Service Charge Guidelines) बना दिए हैं।

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काफी वक्त से चल रहा था सर्विस चार्ज का मामला
सीसीपीए के मुताबिक कोई भी रेस्टोरेंट या होटल सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। अगर कोई रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज लगाता है तो ग्राहक उस रेस्टोरेंट के खिलाफ शिकायत कर सकता है। यह शिकायत उपभोक्ता आयोग में ई-दाखिल (edaakhil.nic.in) किया जा सकता है। आप 1915 नंबर पर कॉल भी कर सकते हैं। नियम के अनुसार ग्राहक सर्विस चार्ज दे या ना दे, यह उसपर निर्भर करता है। पिछले कुछ हफ्तों से बार-बार सर्विस चार्ज का जिक्र हो रहा है और उस पर खूब बहस भी हो रही है। 

कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने होटल और रेस्टोरेंट को सर्विस चार्ज वसूलने से मना कर दिया है। इसको लेकर लोग काफी असमंजस में थे कि सर्विस चार्ज का नियम क्या है। लेकिन अब सरकार ने सब साफ कर दिया है। सरकार ने पहले कहा था कि सर्विस चार्ज गैर कानूनी है। वहीं रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना था कि यह गैर कानूनी नहीं है। अब इस पर सीसीपीए (CCPA) की गाइडलाइंस आ चुकी है कि सर्विस चार्ज नहीं लिया जा सकता है। 

क्या होता है सर्विस चार्ज
यह वह चार्ज होता है जिसे होटल और रेस्टोरेंट सर्विस देने के बदले लेते हैं। सर्विस चार्ज 5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक लिया जा सकता है। बता दें कि यह चार्ज 5 फीसदी जीएसटी (होटल के अंदर वाले रेस्टोरेंट में 18 फीसदी जीएसटी) के अलावा लगता है। ग्राहकों को जीएसटी चुकाना जरूरी होता है। वहीं सर्विस चार्ज ऑप्शनल होता है। इसी कारण से रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लिए जाने की बात मेन्यू में दर्ज होता है। कई रेस्टोरेंट तो गेट पर ही इसे लिख कर चिपका देते हैं। 

किसे दिया जाता है सर्विस चार्ज का रुपया
रेस्टोरेंट अपने स्टाफ में सर्विस चार्ज को बराबर बांट देता है। इसके अलावा कई रेस्टोरेंट प्वाइंट सिस्टम भी फॉलो करते हैं। इसके तहत सर्विस चार्ज से मिली रकम को सीनियर लेवल और एक्सपीरियेंस लेवल के अनुसार बांटा जाता है। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि रेस्टोरेंट किसी के बिल में जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं लगा सकते हैं। सर्विस चार्ज ऑप्शनल है। कर्मचारियों को सुविधा देने के लिए ग्राहकों कपर सर्विस चार्ज को नहीं थोपा जा सकता है। रेस्टोरेंट यह नहीं कह सकते कि सर्विस चार्ज पर रोक लगाने से नुकसान होगा। रेस्टोरेंट इसके बजाय कीमतें बढ़ा सकते हैं। अपने कर्मचारियों को सैलरी हाइक दे सकते हैं।

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