केंद्र सरकार ने अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश प्रवर्तन निदेशालय (ED) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को दिया है। इन दोनों कंपनियों पर एफडीआई (FDI) पॉलिसी और फेमा (FEMA) नियमों के उल्लंघन का आरोप है।

बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश प्रवर्तन निदेशालय (ED) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को दिया है। इन दोनों कंपनियों पर एफडीआई (FDI) पॉलिसी और फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन का आरोप है। बता दें कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) लंबे समय से इन ई-कॉमर्स कंपनियों (E-Commerce Companies) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। कैट का कहना है कि ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स व्यवसाय के ऐसे तौर-तरीके अपना रहे हैं, जो देश के कानून और नियमों के विरुद्ध हैं और इनसे छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इन ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाए जा रहे आरोपों का संज्ञान लेते हुए एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को इनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 

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क्या कहना है कैट का
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया और महासचिव प्रणीण खंडेलवाल का कहना है कि कैट की शिकायत के आधार पर ही केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। इनका कहना है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने व्यापार के नियमों का उल्लंघन किया है, जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इन्होंने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से इन कंपनियों के मनमाने रवैये के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और सरकार को आगाह करता रहा है।

कैट की शिकायतों पर सरकार ने दिया ध्यान
जानकारी के मुताबिक, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने दिसंबर, 2020 में जारी अपने पत्र में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ जरूरी कर्रवाई करने के लिए कहा है। इन निर्देशों में कैट की 4 शिकायतों को प्रमुख तौर पर रखा गया है।

अमेजन-फ्लिकार्ट के खिलाफ क्या हैं आरोप
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का आरोप है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की नीतियों का जमकर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही इन कंपनियों ने फेमा (FEMA) के नियमों को भी नहीं माना है। कैट का कहना है कि फ्लिपकार्ट (Flipkart) और आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) के बीच हुई डील में एफडीआई के नियमों का साफ उल्लंघन हुआ है। कैट का कहना है कि नए साल 2021 को व्यापारी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ व्यापार सम्मान वर्ष के तौर पर मनाएंगे।