भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) केवी सुब्रमण्यम ने कहा है कि भारत की आर्थिक विकास दर 11 फीसदी तक रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौर में भारत सरकार ने 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की, जो एक बेहतर कदम था।

बिजनेस डेस्क। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) केवी सुब्रमण्यम ने कहा है कि भारत की आर्थिक विकास दर 11 फीसदी तक रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौर में भारत सरकार ने 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की, जो एक बेहतर कदम था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी भारत के आर्थिक विकास की दर 11.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। बता दें कि कोविड-19 महामारी के दौर में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारत एक ऐसा देश है, जिसके आर्थिक विकास की दर दहाई अंक में रहेगी।

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कोरोना संकट में मुफ्त अनाज की व्यवस्था
देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत सरकार ने करीब 80 करोड़ लोगों को लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था की। उन्होंने इसे एक बड़ा कदम बताया है। बता दें कि कोविड-19 महामारी के शुरुआती 5-6 महीने बहुत ही गंभीर संकट और अनिश्चितता वाले थे, जिस दौरान भारत सरकार ने लोगों को राहत देने वाले कदम उठाए। वहीं, अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद सरकार ने बाजार की स्थिति पर ध्यान देना शुरू किया।

और क्या कहा सुब्रमण्यम ने
मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत की इकोनॉमिक रिकवरी वी शेप में रही है। पहली तिमाही में विकास दर करीब 24 फीसदी कम थी। वहीं, दूसरी तिमाही में वह 7.5 फीसदी रह गई। तीसरी तिमाही में इसके और बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि चौथी तिमाही में विकास दर और भी बढ़ेगी। केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि परचेजिंग मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स भी पहले से काफी बेहतर हुआ है। सर्विस सेक्टर और ट्रैवल एंड टूरिज्म में थोड़ी मंदी है, लेकिन दूसरे सेक्टर्स में अच्छा ग्रोथ हो रहा है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि कोरोना महामारी संकट का दौर था, लेकिन इस दौरान भी लॉन्ग टर्म गेन पर ध्यान दिया गया, जिसके लिए काफी हिम्मत की जरूरत होती है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी कहा है कि भारत ने काफी पारदर्शिता दिखलाई है। भारत अकेला ऐसा देश रहा है, जिसने महामारी के दौरान कई तरह के सुधार किए हैं। जहां तक आर्थिक नीतियों का सवाल है, डिमांड के साथ सप्लाई पर भी पूरा ध्यान दिया गया। वहीं, श्रम सुधारों को भी अमल में लाया गया, जबकि इसे लेकर पिछले 30 साल से बात चल रही थी।

चीन रह सकता है दूसरे स्थान पर
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, चीन 8.1 फीसदी विकास दर के साथ दूसरे स्थान पर रह सकता है। इसके बाद स्पेन 5.9 फीसदी और फ्रांस 5.5 फीसदी की विकास दर के साथ क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रह सकता है। आईएमएफ ने कहा है कि 2022 में भारत की आर्थिक विकास दर 6.8 फीसदी और चीन की विकास दर 5.7 फीसदी रहने का अनुमान है।

महामारी में भारत ने उठाए निर्णायक कदम
इस महीने की शुरुआत में आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीन जार्जीएवा ने कहा था कि भारत ने कोविड-19 महामारी के समय कई निर्णायक कदम उठाए और इसके आर्थिक प्रभावों से अच्छी तरह निपटने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी आबादी को देखते हुए लॉकडाउन लगाया जाना एक बड़ा कदम था। आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि भारत ने ऐसे कई नीतिगत कदम उठाए, जिससे वह कोविड से पहले की स्थिति में पहुंच गया है।